पश्चिम बंगाल के गवर्नर एमके नारायणन ने सीबीआई के पूर्व अधिकारी के उस दावे को सिरे से खारिज किया है, जिसमें कहा गया था कि उन्होंने राजीव गांधी हत्या के वीडियो फुटेज को दबा दिया था। श्रीपेरुम्बुदूर में 21 मई, 1991 को धनु ने एक पब्लिक मीटिंग के दौरान राजीव गांधी की हत्या कर दी थी। नारायण ने अपनी आस्ट्रेलिया यात्रा के दौरान कहा, ‘मैं नहीं जानता। मुझे लगता है कि वह अपनी किताब बेचना चाहते हैं।’
सीबीआई के पूर्व अधिकारी के रागोथमन ने अपनी किताब ‘कॉन्सपिरेसी टू किल राजीव गांधी-फ्रॉम सीबीआई फाइल्स’ में दावा किया था कि उस समय आईबी चीफ नारायणन ने राजीव गांधी की हत्या के वीडियो को दबा दिया था। इसे एक स्थानीय वीडियोग्राफर ने रिकॉर्ड किया था, जो आयोजकों की ओर से समारोह की रिकॉर्डिंग करने के लिए आया था।
राजीव गांधी की हत्या मामले की जांच करने वाले रागोथमन ने आरोप लगाया था कि विशेष जांच दल के तत्कालीन प्रमुख डीआर कार्तिकेयन ने इस वीडियो को गंभीरता से नहीं लिया था और नारायणन ने भी उन्हें अपने तरीके से काम करने की अनुमति दे दी थी। इस मामले पर नारायणन ने कहा, ‘इस मामले की पूरी जांच की गई थी और अब सब कुछ खत्म हो चुका है। अब कोई किताब लिखता है, तो इसमें कुछ नया नहीं होगा।’