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मोदी की आंधी में गुजरात में तो होनी ही थी नमो नमो

Fri, 16 May 2014 11:57 PM IST
हिमांशु मिश्र/अमर उजाला, वडोदरा
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कश्मीर से कन्याकुमारी तक चली नरेंद्र मोदी की आंधी उनके गृह राज्य गुजरात में सुनामी में बदल गई। भाजपा ने राज्य की सभी सीटें जीतने का कीर्तिमान बनाया वहीं मोदी ने सर्वाधिक अंतर से जीत हासिल करने का नया कीर्तिमान रच डाला।
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उन्होंने अपने प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस महासचिव मधुसूदन मिस्त्री को 570128 मतों के विशाल अंतर से हराया। मोदी के अलावा वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी, परेश रावल सहित भाजपा के अन्य सभी 25 उम्मीदवारों को जहां बेहद आसान जीत हासिल हुई, वहीं मोदी की इस सुनामी में कांग्रेस अपना सूपड़ा साफ करवा बैठी।

आम चुनाव में कांग्रेस के तीन केंद्रीय मंत्रियों भरत सिंह सोलंकी, डॉ तुषार चौधरी, दिनशा पटेल, पूर्व मुख्यमंत्री शंकर सिंह बाघेला सहित एक भी उम्मीदवार जीत की दहलीज पार नहीं कर पाए। कुल मिला कर भाजपा की मोदी के नाम पर गुजराती को प्रधानमंत्री बनाने और इस मुद्दे को सीधे गुजराती अस्मिता से जोड़ देने की रणनीति कारगर साबित हुई।
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शर्मनाक हार से कांग्रेस के नेता सन्न

नतीजों से साफ हो गया कि बीते चुनाव के मुकाबले पड़े 14 फीसदी अधिक मत के अलावा कांग्रेस के परंपरागत मतों का एक बड़ा हिस्सा सीधे सीधे भाजपा की झोली में चला गया। शर्मनाक हार के कारण जहां कांग्रेस के नेता सन्न हैं, वहीं उत्साह से भरी भाजपा ने पूरे राज्य में जमकर जश्न मनाया।

उल्लेखनीय है कि बीते आम चुनाव में कांग्रेस को राज्य की 26 सीटों में से 11 सीटों पर सफलता हाथ लगी थी। हालांकि बाद में हुए उपचुनाव में कांग्रेस भाजपा के हाथों दो सीटें गंवा बैठी थी। मतदान से पहले ओर बाद में भी किसी ने कांग्रेस की इस बुरी हार की उम्मीद नहीं की थी।

राजनीतिक विश्लेषकों का भी मानना था कि भाजपा वर्ष 1999 में मिली 21 सीटों की अब तक की सबसे बड़ी जीत की बराबरी नहीं कर पाएगी।
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सारे पूर्वानुमान गुजरात में हुए ध्वस्त

सभी विश्लेषक मान कर चल रहे थे कि कांग्रेस को कम से कम बारदोली, आणंद, खेड़ा, साबरकांठा, पाटन और वलसाड सीट पर तो अवश्य जीत मिलेगी। मगर मोदी की सुनामी ने सारे पूर्वानुमानों को ध्वस्त कर दिया।

ऊर्जा मंत्री और मोदी के चुनाव प्रभारी सौरव पटेल ने कहा कि यह आश्चर्यजनक नहीं बल्कि स्वाभाविक जीत है। गुजरात की जनता ने देश केअन्य हिस्सों की तरह ही मोदी को पीएम बनाने के लिए वोट दिया है। हमें पहले ही क्लीन स्वीप का भरोसा था।

वडोदरा में मोदी के प्रतिद्वंदी मधुसूदन मिस्त्री का कहना है कि हमें इतनी बुरी हार की कतई उम्मीद नहीं थी। मगर जनता ने जनादेश दे दिया है। भाजपा और मोदी जी को जीत मुबारक।
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