मोदी सरकार का लक्ष्य मुसलमानों को आरक्षण दिलाना नहीं, बल्कि उनका सामाजिक, शैक्षणिक और आर्थिक विकास कर अवसरों में बराबरी का हक दिलाने का है। यह बात केंद्र में अल्पसंख्यक मामलों की मंत्री नजमा हेपतुल्ला ने बुधवार को वूमेंस प्रेस क्लब में कही।
नजमा ने मुसलमानों को आरक्षण देने की पहल करने से साफ इनकार किया और कहा कि इससे अरसे से पिछड़े इस समुदाय की वास्तविक तरक्की नहीं हो पाएगी। उन्होंने कहा कि मुसलमानों को महज 5 फीसदी आरक्षण ही क्यों?
हमारी सरकार इस बिरादरी को इस लायक बनाना चाहती है कि वे सौ फीसदी अवसरों के लिए अपनी दावेदारी मजबूती से पेश कर सकें। नजमा ने इस दौरान सरकार के मंत्रियों, पार्टी के सांसदों-नेताओं और संघ परिवार की ओर से लगातार दिए जा रहे भड़काऊ बयानों पर टिप्पणी करने से भी इनकार किया।