नागालैंड के राज्यपाल अश्विनी कुमार ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। केंद्र में एनडीए की सरकार आने के बाद से ही कई राज्यों के राज्यपाल बदलने की चर्चा शुरू हुई थी।
जिसके बाद से राज्यपालों के इस्तीफे का सिलसिला जारी है। इसकी शुरूआत उत्तर प्रदेश के राज्यपाल बीएल जोशी ने की। उन्होंने सबसे पहले अपना पद छोड़ा।
उसके बाद छत्तीसगढ़ के राज्यपाल शेखर दत्त ने भी अपना इस्तीफा राष्ट्रपति को भेज दिया।
पूर्व सीबीआई निदेशक रहे हैं अश्विनी कुमार
कांग्रेस सरकार के दौरान नियुक्त राज्यपालों में अपना पद छोड़ने वालों में अब अश्विनी कुमार का नाम शामिल हो गया है।
उन्हें साल 2013 में ही नागालैंड का राज्यपाल बनाया गया था। इससे पहले वो कुछ समय मणिपुर के राज्यपाल के तौर पर भी अपनी सेवाएं दी हैं।
अश्विनी कुमार आईपीएस अधिकारी रहे हैं। उन्होंने अगस्त 2008 से नवंबर 2010 तक सीबीआई निदेशक के तौर पर काम किया। इससे पहले अगस्त 2006 से जुलाई 2008 तक वो हिमाचल प्रदेश के डीजीपी रहे।
हाल ही में की थी पीएम मोदी से मुलाकात
अश्विनी कुमार ने पिछले हफ्ते शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की थी। हालांकि उस समय उन्होंने मुलाकात को महज शिष्टाचार मुलाकात बताया था। लेकिन अब अचानक उन्होंने अपना पद छोड़ दिया है।
दरअसल, मोदी सरकार उन सभी राज्यपालों से इस्तीफा मांग रही है, जिनकी नियुक्ति यूपीए-2 सरकार के दौरान हुई थी। वहीं मिल रही जानकारी के मुताबिक आगामी बजट सत्र से पहले केंद्र सरकार कुछ नए राज्यपालों की नियुक्ति कर सकती है।
केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह का इस संबंध में कहना है कि वह अभी फिलहाल इस कुछ नहीं कह सकते हैं। हालांकि उन्होंने बताया, "3 या 4 दिनों में वह इस बारे में कुछ कहने की स्थिति में होंगे।"