'मेरी फांसी का का राजनीतिकरण किया गया है। मैं मरने जा रहा हूं। कोई चमत्कार ही मुझे बचा सकता है।' ये बातें 1993 मुंबई सीरियल ब्लास्ट्स के दोषी याकूब मेमन ने अपनी फांसी से पहले कही थीं।
मेमन ने ये बातें जेल में उसकी बैरक के पास तैनात सुरक्षा गार्ड से कही थीं। नाम न प्रकाशित करने की शर्त पर सुरक्षा गार्ड ने अंग्रेजी अखबार मिड डे को बताया कि आम तौर पर शांत रहने वाला याकूब मेमन अपनी फांसी के एक दिन पहले काफी घबराया हुआ था।
वो हमसे कभी कोई बात नहीं करता था। वो मुझसे कई बार पूछता था, कि सुप्रीम कोर्ट में क्या हो रहा है। याकूब ने सुबह के नाश्ते में केवल उपमा खाया था, लेकिन उसने दिन का खाना नहीं खाया।