मुजफ्फरनगर दंगों को लेकर घिरी सपा अब उत्तर प्रदेश की अखिलेश सरकार पर लगे दागों को पोंछने में जुट गई है।
सियासत के खेल में पार्टी ने अब खुद पर उठे सवालों का जवाब देने के बजाय दूसरों पर अंगुलियां उठाना शुरू कर दिया है। सपा सरकार पर सवाल उठाने वाले विरोधी दलों के साथ ही पार्टी ने अफसरों पर भी जमकर निशाना साधा है।
एक टीवी चैनल के स्टिंग ऑपरेशन में दंगों के दौरान सरकार की भूमिका पर सवाल उठाने वाले अफसरों को लेकर सपा महासचिव रामगोपाल यादव ने कहा है कि अपना कर्त्तव्य नहीं निभाने वाले अफसर कार्रवाई से बचने के लिए सरकार पर आरोप मढ़ रहे हैं।
उन्होंने कहा कि आजम खां का नाम आने के साथ ही स्टिंग की विश्वसनीयता बची नहीं है। यह फर्जी स्टिंग है। उन्होंने कहा कि चाहे भाजपा, कांग्रेस, बसपा या फिर सपा का कोई भी नेता हो। जिनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है, उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा।
दंगों को लेकर चौतरफा विरोध का सामना कर रही सपा के सामने अब अपनी सरकार का बचाव करने के अलावा और कोई उपाय नहीं है।
दंगों पर एक के बाद एक नए घटनाक्रम के बाद प्रदेश सरकार और पार्टी दबाव में है। लिहाजा, दूसरी पार्टियों पर पलटवार तेज करने की रणनीति बनाई गई है।
रामगोपाल ने विरोधी दलों के खिलाफ मोर्चा खोला है। उन्होंने कहा कि दिल्ली में 84 के दंगों में हजारों लोग मारे गए थे, तब कांग्रेस ने राष्ट्रपति शासन की मांग क्यों नहीं की थी।
गुजरात दंगों के वक्त भाजपा ने मोदी सरकार की बर्खास्तगी की मांग क्यों नहीं की थी। उन्होंने कहा कि दंगों को लेकर आजम खां पर लगाए गए आरोप झूठे हैं।