केंद्र सरकार ने इस खबर को गलत बताया है कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी ने दंगा ग्रस्त मुजफ्फरनगर के दौरे में सिर्फ एक समुदाय के पीड़ितों से मुलाकात की।
मनमोहन और सोनिया की सिर्फ मुसलिम समुदाय के लोगों से मुलाकात की खबर पर चौतरफा निंदा झेल रही सरकार ने मंगलवार को साफ किया कि दोनों नेता मुसलमानों के साथ जाटों के गावों में भी गए।
इन्होंने दंगे में मारे गए पत्रकार राजेश वर्मा सहित जाट बिरादरी के कई लोगों से मुलाकात कर उनका दुख भी बांटा।
मंगलवार को गृह राज्य मंत्री आरपीएन सिंह ने सरकार की ओर से दी गई सफाई में कहा कि यह झूठी खबर जानबूझ कर फैलाई गई है ताकि पहले से संवेदनशील हालात को और खराब किया जा सके।
सिंह ने कहा कि सोनिया, मनमोहन, राहुल गांधी और अन्य सदस्यों की टीम ने जाट बहुल बरवाला और खाजापुर का दौरा किया था।
सिंह के मुताबिक एक ही समुदाय से मिलने की खबर कुछ गांव वालों के बयान के आधार पर बिना तस्दीक किए छाप दी गई है। इसके पीछे स्थानीय राजनीतिक साजिश से इंकार नहीं किया जा सकता।
सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री की टीम ने दोनों पक्षों के लोगों की बातें सुनी और उन्हें ठोस न्याय का भरोसा दिया गया। इतना ही नहीं केंद्र अपनी ओर से उन दोषियों का पता लगाएगा जो इस हिंसा के लिए जिम्मेदार हैं।
सिंह के मुताबिक केंद्रीय ऐजेंसियां लगातार खासतौर पर मुजफ्फरनगर के गांवों के हालात पर नजर बनाए हुए हैं।