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मुजफ्फनगर दंगाः 41,000 लोग वापस लौटे घर

Thu, 14 Nov 2013 11:33 AM IST
अमर उजाला, दिल्ली
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यूपी सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को सूचित किया है कि 50,955 में से 41,000 लोग राहत शिविरों से अपने घरों को लौट गए हैं। दंगा प्रभावित मुजफ्फरनगर क्षेत्र में लगाए गए 58 राहत शिविरों का हाल बयां करते हुए सरकार ने अपनी रिपोर्ट में यह सूचना सर्वोच्च अदालत को दी है।
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सहारनपुर डिवीजनल कमिश्नर की ओर से दाखिल की गई ताजा स्थिति रिपोर्ट में हालांकि राज्य सरकार ने स्वीकार किया है कि करीब दस हजार लोग अभी भी दस राहत शिविरों में रह रहे हैं। जो मुजफ्फरनगर के छह दंगा प्रभावित गांवों के रहने वाले हैं और अपने गांवों को जाने के लिए तैयार नहीं हुए हैं।

जबकि उनके विश्वास को जीतने के लिए गंभीर रूप से प्रयास किए गए हैं। कैंप में बचे हुए लोग वापस न जाने के निर्णय को 7-8 सितंबर को हुई घटनाओं की वजह से जायज ठहरा रहे हैं।
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रिपोर्ट में कहा गया है कि राज्य सरकार ने यह निर्णय लिया है कि वापस जाने को अनिच्छुक परिवारों को पुनर्स्थापन और पुनर्वास के लिए पांच लाख रुपये दिए जाएं। इस रिपोर्ट पर 21 नवंबर को चीफ जस्टिस पी. सदाशिवम् की अध्यक्षता वाली पीठ सुनवाई करेगी और विचार करेगी।

हाल ही में चीफ जस्टिस ने हाल ही में इस क्षेत्र में हुई हिंसा की ताजा घटनाओं पर कड़ा रुख अपनाया था। रिपोर्ट में कहा गया है कि 581 लोगों को हिंसा की घटनाओं के मामले में दर्ज की गई एफआईआर के आधार पर गिरफ्तार किया गया है। इन लोगों पर हिंसा फैलाने, आगजनी और लूट के मामले दर्ज किए गए हैं।

यूपी सरकार ने कहा है कि उसकी ओर से 6.15 करोड़ रुपये 61 पीड़ित परिवारों को और 17.50 लाख रुपये गंभीर रूप से घायल हुए 35 लोगों को मुहैया कराए गए हैं। जबकि 9.40 लाख रुपये का मुआवजा मामूली रूप से घायल 47 लोगों को दिया गया है।

इसमें से केंद्र की ओर से 1.49 लाख रुपये की राशि जारी की गई है। राज्य सरकार ने यह भी कहा है कि जिन 56 लोगों की मौत हुई थी। उनके परिवार के एक सदस्य को नौकरी भी दी जाएगी।

रिपोर्ट में राज्य सरकार की ओर से राहत शिविरों में किए गए इंतजामों के बारे में विस्तार से जानकारी अदालत को दी गई है। इसमें चिकित्सीय और रोजमर्रा की सुविधाएं तथा व्यवस्थाओं समेत मुआवजे के बारे में भी विभिन्न स्तर पर बताया गया है। सर्वोच्च अदालत इस मुद्दे पर दायर तमाम याचिकाओं पर सुनवाई कर रहा है।
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