भाजपा राष्ट्रीय अल्पसंख्यक मोर्चे के अध्यक्ष अब्दुल रशीद अंसारी का मानना है कि पार्टी अध्यक्ष राजनाथ सिंह की मुसलमानों के समक्ष माफी की पेशकश से पार्टी का हित होगा।
उन्होंने राजनाथ की पेशकश को उनकी दिल की आवाज और पार्टी लाइन करार देते हुए कहा कि इससे भाजपा मुसलमानों के बीच पैठ बना सकती है।
गलतफहमी होगी दूर
अंसारी के मुताबिक माफी की पेशकश कर राजनाथ ने मुसलमानों से साथ गलतफहमी को दूर करने की कोशिश की है।
बीते दिनों अल्पसंख्यकों के सम्मेलन में राजनाथ ने कहा था कि अगर कभी भी हमारी ओर से कोई गलती या चूक हुई होगी तो हम शीश झुका कर माफी मांगेंगे। राजनाथ की इस पेशकश को चुनाव में मुसलमानों को रिझाने की कोशिश के रूप में देखा गया था।
मुस्लिमों से दूरियां होंगी कम
अंसारी ने इस पेशकश को चुनावी दांव मानने से इनकार किया। उन्होंने कहा कि यह राजनाथ की दिल की आवाज थी और राजनाथ चूंकि पार्टी के अध्यक्ष हैं, इसलिए इस पेशकश को पार्टी का पेशकश माना जाना चाहिए।
अंसारी ने कहा कि माफी की पेशकश से मुस्लिम समुदाय के साथ दूरियां कम करने में मदद मिलेगी। उन्होंने दिल से कही बात में सियासत नहीं करने की भी अपील की।
कांग्रेस से मांगे दंगों का हिसाब
एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि वर्ष 2002 के दंगों के लिए नरेंद्र मोदी से माफी मांगने की मांग करने वालों को कांग्रेस से भी ऐसी ही मांग करनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि दंगों के इतिहास पर बात करते समय हमें केवल गुजरात याद नहीं रखना चाहिए। कांग्रेस से भी आजादी के बाद देश भर में हुए दंगों का हिसाब मांगा जाना चाहिए।