केरल के मशहूर सुन्नी मुस्लिम धर्मगुरु कांथापुरम एपी अबूबकर मुसलियार ने शनिवार को विवादास्पद बयान देते हुए कहा कि लैंगिक समानता की अवधारणा गैर-इस्लामिक है। साथ ही कहा कि महिलाएं कभी भी पुरुषों के बराबर नहीं हो सकती हैं क्योंकि वे केवल बच्चों को पैदा करने के लिए हैं।
ऑल इंडिया सुन्नी जमीयत उल उलेमा के प्रमुख मुसलियार ने कहा कि महिलाएं मानसिक तौर पर मजबूत नहीं होती है और दुनिया को नियंत्रित करने की ताकत पुरुषों में ही है। लैंगिक समानता कभी भी हकीकत में नहीं हो सकता। यह इस्लाम, मानवता के खिलाफ होने के साथ ही बौद्धिक रूप से भी गलत है।