प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को रमजान के बाद मुस्लिम संगठनों का विरोध झेलना पड़ सकता है। भगवा एजेंडे को आगे बढ़ाने के प्रधानमंत्री मोदी के प्रयास की आलोचना करते हुए देश के आला मुस्लिम संगठन सरकार पर सियासी हमला बोलने की रणनीति बना रहे हैं।
जमीयत उलमा ए हिंद के राष्ट्रीय सचिव एवं प्रवक्ता अब्दुल हामिद नौमानी ने कहा है कि 22 जुलाई को जमीयत की वर्किंग कमेटी की बैठक बुलाई गई है। बैठक में मोदी सरकार पर सियासी हमलों की रणनीति बनेगी।
नौमानी ने कहा कि देश के सरकारी स्कूलों और सेना में योग को अनिवार्य बनाने के फैसले का मुस्लिम संगठन विरोध करेंगे। उन्होंने मदरसों की मान्यता खत्म करने के महाराष्ट्र सरकार के निर्णय का विरोध करते हुए कहा कि वर्किंग कमेटी की बैठक में यह मुद्दा जोर-शोर से उठेगा।