अंडरवर्ल्ड डॉन छोटा राजन के सहयोगी राम नरायण गुप्ता उर्फ लखन भैया फर्जी मुठभेड़ मामले में मुंबई की सेशन कोर्ट ने 13 पुलिसकर्मियों समेत 21 लोगों को दोषी करार दिया है।
हालांकि कोर्ट ने एनकाउंटर स्पेशलिस्ट प्रदीप शर्मा को बरी कर दिया है। उनके वकील ने दलील दी थी कि घटना के समय प्रदीप शर्मा वहां मौजूद नहीं थे। जबकि लखन के घरवालों ने दावा किया था कि प्रदीप शर्मा के मुठभेड़ वाली जगह पर मौजूद होने के उनके पास पर्याप्त सुबूत हैं।
गौरतलब है कि मुबई के वरसोवा इलाके में पुलिस टीम ने 11 नवंबर, 2006 को लखन को फर्जी मुठभेड़ में मार गिराया था। लखन पर 12 हत्या समेत 19 मामले दर्ज थे।
कुल 22 आरोपियों में से 14 मुंबई पुलिस से संबंधित हैं। उन पर लखन को घर से उठाने और फर्जी मुठभेड़ में हत्या करने का आरोप था।
घटना के कुछ समय बाद लखन के भाई राम प्रसाद गुप्ता की शिकायत पर बॉम्बे हाईकोर्ट ने इस मामले की मजिस्ट्रेट जांच का आदेश दिया था। जांच में पुलिस वाले झूठे साबित हुए।
एसआईटी की जांच के दौरान एनकाउंटर स्पेशलिस्ट प्रदीप शर्मा समेत 14 पुलिसवालों को गिरफ्तार कर लिया गया। जांच में पता चला कि लखन की हत्या के लिए उसके ही साथी जनार्दन भानगे ने सुपारी दी थी।