दुष्कर्म विरोधी कानून के दुरुपयोग के कई उदाहरण सामने आ चुके हैं। लेकिन मुंबई के दो प्रेमियों की ये ऐसी कहानी है, जहां दुष्कर्म विरोधी कानून दोनों के जी का जंजाल बन गया है।
प्रेमिका ने अपने ही प्रेमी पर दुष्कर्म का आरोप लगाया और उसी आरोप के आधार पर सेशन कोर्ट ने प्रेमी की जमानत रद्द कर दी। फिर हफ्ते भर बाद ही प्रेम ने ऐसी करवट ली कि परिवार से दुश्मनी मोल लेकर प्रेमिका ने उसी युवक से शादी भी कर ली।
प्रेमी और प्रेमिका अब पति और पत्नी बन चुके हैं लेकिन कानूनी लड़ाई खत्म नहीं हुई हैं। पत्नी अपने ही रेप के आरोप से पति को बचाने के लिए कानूनी़ लड़ाई लड़ रही है।
लड़की को ऐसा लगा, उसका प्रेमी उसे धोखा दे रहा है
दरअसल मुंबई की बोरिवली की एक युवती ने अपने प्रेमी के खिलाफ रेप का आरोप लगाया था। उनका प्रेम काफी पुराना था। बोरिवली में दोनों एक दूसरे के पड़ोसी थे।
लड़की के पिता बिजनेसमैन हैं और लड़के के पिता रेलवे के कर्मचारी। लड़की गुजराती है और लड़का मराठी, दोनों 6 साल से एक दूसरे को जानते थे।
2012 में दोनों के बीच शारीरिक संबंध भी बना। लेकिन इस साल दोनों के रिश्तों में कड़वाहट आ गई। लड़की को ऐसा लगा कि उसका प्रेमी उसे धोखा दे रहा है। उसने अपने प्रेमी की शिकायत पिता से की।
दर्ज कराया युवक के खिलाफ रेप का मुकदमा
अपने पिता को उसने बताया कि युवक ने उससे पैसे उधार लिए हैं और उस पैसे को दूसरी लड़कियों पर खर्च कर रहा है। लड़की ने कहा ये पैसे उसने मां के गहने बेचकर दिए थे।
पिता और बेटी ने एक सामाजिक कार्यकर्ता के सहयोग से युवक के खिलाफ 15 मई को रेप का मुकदमा दर्ज करा दिया। शिकायत में लड़की ने कहा कि युवक ने शादी का वादा कर उसके साथ शारीरिक संबंध बनाया था। युवक पर धोखाधड़ी का आरोप भी लगाया गया।
लेकिन हफ्ते भर बाद दोनों ने विवाह कर लिया। लड़की ने कहा कि वह युवक से प्रेम करती है। हालांकि दोनों के परिवार ने विवाह को सहमति नहीं दी और उन्हें घर से बेदखल कर दिया।
सप्ताह बाद कर लिया विवाह
लेकिन रेप का मुकदमा होने के कारण विवाह के बाद दोनों की मुश्किलें और बढ़ गई। युवक ने गिरफ्तारी का अंदेशा होने पर कोर्ट में जमानत की अर्जी लगाई।
लेकिन सेशन कोर्ट ने जमानत रद्द कर दी।
हालांकि हाई कोर्ट ने गत 13 जून को 1000 रुपए के पर्सनल बांड पर युवक को जमानत दे दी। लड़की फिलहाल लड़के की बड़ी बहन के साथ मुंबई के पास ही रह रही है, जबकि लड़का अपने कॉलेज में पढ़ने के लिए हॉस्टल जा चुका है।
अब दोनों लगा रहे कोर्ट के चक्कर
अब दोनों मुकदमा रद्द कराने के लिए कोर्ट के चक्कर लगा रहे हैं।
मुंबई हाई कोर्ट में जस्टिस वीएम कनाडे ओर जस्टिस पीडी कोडे की आदालत में जब ये मुकदमा आया, उन्होंने न केवल मामले
को दुखद बताया बल्कि रेप के कानून के दुरुपयोग पर भी चिंता प्रकट की।