महाराष्ट्र की मुंबई पुलिस जिहाद संबंधी अपने एक सर्कुलर को लेकर विवादों में घिर गई है। इसमें कहा गया है कि देश के बड़े इस्लामिक संगठनों में शामिल जमात-ए-इस्लामी हिंद से संबंधित गर्ल्स इस्लामिक आर्गनाइजेशन (जीआईओ) मुस्लिम लड़कियों को जिहाद के लिए तैयार कर रहा है।
जीआईओ ने आरोप को गंभीरता से लेते हुए कहा है कि पुलिस ऐसे बेबुनियाद सर्कुलर पर अगर माफी नहीं मांगती है तो वह कोर्ट जाएंगे। सर्कुलर के अनुसार जीआईओ कॉलेज और स्कूल की लड़कियों का ब्रेनवाश कर उनको जिहाद के लिए उकसा रहा है।
जीआईओ का गठन केरल में हुआ है और वह महाराष्ट्र में चालीस स्कूल और तीन जूनियर कॉलेजों का संचालन करता है। इसका उद्देश्य हालांकि मुस्लिम लड़कियों को इस्लाम और कुरान की शिक्षा देना है लेकिन मुख्य रूप से यह लड़कियों को जिहाद के लिए तैयार कर रहा है। सर्कुलर पिछले माह जारी हुआ है।
इसी बीच जमात के महाराष्ट्र प्रवक्ता मोहम्मद असलम गाजी ने पूरे मामले में पुलिस महकमे से माफी मांगने को कहा है। उन्होंने कहा कि पुलिस ऐसे आरोप को सिद्ध करे या माफी मांगे। गाजी के अनुसार सर्कुलर एक तरह से मुस्लिम संगठनों को बदनाम करने की सोची समझी साजिश है। संगठन के खिलाफ पुलिस का सर्कुलर पूरी तरह बेबुनियाद है।
उन्होंने कहा कि उनका संगठन शांति और भाईचारे के लिए कार्य करता है। इधर मुंबई पुलिस के प्रवक्ता सत्यनारायण चौधरी ने कहा कि सर्कुलर पुलिस विभाग का आंतरिक मामला है। जनता के लिए इसे जारी नहीं किया गया है। इससे पहले भी मुंबई यातायात पुलिस की एक महिला इंस्पेक्टर सुजाता पाटिल ने पुलिस की इन हाउस पत्रिका संवाद में आजाद मैदान के मुस्लिम प्रदर्शनकारियों को सांप और देशद्रोही कहा था। बाद में इसके लिए उन्होंने माफी भी मांगी थी।