मुम्बई की कंपनी आर.पी.जी. समूह हाल ही में आनलाइन बैंकिंग की धांधली की शिकार हुई। कंपनी के खातों से तीन घंटे में 2.41 करोड़ रुपए निकाल लिए गए।
सुबह 11.30 से 2.30 बजे के बीच में 13 खातों में पैसे ट्रांसफर किए गए। जमा की गई राशि अधिक होने के कारण बैंक को शक हुआ और जांच करने पर पाया कि 2.41 करोड़ रुपए फ्रॉड तरीके से दूसरे अकाउंट्स में भेजे गए हैं।
वरली पुलिस ने बताया कि गलत तरीके से ट्रांसफर की गई राशि में सबसे कम 15 लाख और सबसे अघिक 25 लाख रुपए की राशि थी।
जिन तीन लोगों के खाते में वह राशि पहुंची है उन्हें कोयंबटूर में गिरफ्तार कर लिया गया था। आज उन्हें मुम्बई ले जाया जाएगा।
टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक जिन व्यक्तियों के अकाउंट में राशि पहुंची है उन्हें ब्लॉक कर दिया है। लेकिन कंपनी का यूजरनेम और पासवर्ड हैक होने के कारण कुछ फंड का नुकसान झेलना पड़ा है।
इंवेस्टिगेशन टीम लगातार इस बात की छानबीन कर रही है कि किस जगह से पैसे ट्रांसफर और निकाले गए हैं।
इन 13 खातों में रियल टाइम ग्रॉस सेटेलमेंट से लेन-देन किया गया है। यह पैसा बैंगलौर, चेन्नई, कोयंबटूर, हैयदराबाद और झारखंड जैसी जगहों पर पहुंचा है।
वरली पुलिस ने बताया कि हमने सभी खाते सील कर दिए हैं फिर भी कुछ राशि निकाली जा चुकी है।
इंवेस्टिगेटर्स ने बताया कि ऐसे मामलों में ज्यादातर हैकर्स शुक्रवार या शनिवार को पैसे ट्रांसफर करते हैं। ऐसे में लोग ज्यादातर सोमवार से पहले अपने अकाउंट फ्रीज नहीं कर पाते हैं।
यह घटना भी शनिवार 11 मई की है जिसकी छानबीन अभी तक जारी है।
यह मामला इंडियन पैनल कोड के सेक्शन 34, 120 बी, 420 और आई टी एक्ट की धारा 65 के तहत दर्ज किया गया है।