समाजवादी पार्टी प्रमुख मुलायम सिंह यादव को आय से अधिक संपत्ति मामले में जल्द ही राहत मिल सकती है।
सीबीआई के सूत्रों के मुताबिक मानसून सत्र के बाद सीबीआई सुप्रीम कोर्ट में यह हलफनामा दाखिल कर सकती है कि मुलायम सिंह यादव और उनके पुत्र अखिलेश यादव के खिलाफ कोई आपराधिक मामला नहीं बनता है।
टीएनएन के मुताबिक सीबीआई के सूत्रों ने बताया कि चार्टर्ड एकाउंटेंट और कानून विशेषज्ञों के मुताबिक दोनों आरोपी मुलायम सिंह यादव और उनके पुत्र अखिलेश यादव के खिलाफ आपराधिक मामला नहीं बनता है।
सीबीआई ने वर्ष 1993-2005 के बीच 2.63 करोड़ रुपए की आय से अधिक आय होने पर मामला दर्ज किया था।
इस अवधि में मुलायम सिंह यादव और अखिलेश यादव को 4.45 करोड़ रुपए की आय हुई थी लेकिन इस अवधि में कुल खर्च 6.23 करोड़ रुपए किए गए थे।
सुप्रीम कोर्ट ने 13 दिसंबर, 2012 को सीबीआई को आदेश दिया था कि सांसद डिम्पल यादव की संपत्ति 1.45 करोड़ रुपए को अलग रख कर मामले की जांच की जाए।
सीबीआई ने कानून विशेषजों और चार्टर्ड एकांउटेंट से सलाह के बाद पाया कि दोनों के खिलाफ आपराधिक मामला नहीं बनता है।
सुप्रीम कोर्ट ने जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए सीबीआई को 1 मार्च, 2007 को इस मामले में जांच करने का आदेश दिया था।