समाजवादी पार्टी ने साफ किया है कि वह यूपीए सरकार से समर्थन वापस नहीं लेगी। सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव ने पत्रकारों को बताया कि सांप्रदायिक ताकतों को रोकना उनकी पहली प्राथमिकता है। मध्यावधि चुनाव कराना या नहीं कराना पूरी तरह से केंद्र सरकार को तय करना है।
मुलायम ने कहा कि रिटेल में एफडीआई लागू करने से करीब पांच करोड़ परिवार प्रभावित होंगे। ऐसे में सरकार की जनविरोधी नीतियों को वह विरोध करती रहेंगी। सरकार को बाहर से समर्थन दे रही समाजवादी पार्टी के लोकसभा में 22 सांसद हैं।
इससे पहले समाजवादी पार्टी के महासचिव राम गोपाल यादव ने कहा था कि हम सरकार के साथ हैं। हालांकि सरकार के सारे फैसलों का सपा समर्थन नहीं करेगी।
उल्लेखनीय है कि रिटेल में एफडीआई को लेकर तृणमूल कांग्रेस यूपीए सरकार से समर्थन वापस ले चुकी है। लोकसभा में तृणमूल कांग्रेस के 19 सांसद हैं। माना जा रहा है कि शुक्रवार दोपहर टीएमसी के छह मंत्री प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को अपना इस्तीफा सौंप देंगे।