फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

FDI पर फंसे मुलायम, साथ दिखना नहीं, दूर रहना नहीं

Fri, 30 Nov 2012 07:36 AM IST
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क
विज्ञापन
विज्ञापन
एफडीआई पर लोकसभा में नियम 184 के तहत चर्चा को हरी झंडी मिलते ही, समाजवादी पार्टी और उसके मुखिया मुलायम सिंह यादव फंस गए हैं। एफडीआई के खिलाफ भारत बंद में शामिल हो चुके और लगातार बयानबाजी कर रहे मुलायम के लिए ये मामला गले की हड्डी बन गया है। सपा को सूझ नहीं रहा कि वो करे तो क्या करे।
विज्ञापन


संसद में एफडीआई के खिलाफ वोटिंग की तो सरकार से रिश्ते बिगड़ेंगे और अगर समर्थन में वोट दिया तो जनता के सामने बेनकाब होंगे। ऐसे में अब मुलायम कह रहे हैं कि मौका देखकर ही फैसला लिया जाएगा। उन्होंने इशारों-इशारों में ये भी कह दिया कि राजनीति में कुछ भी पहले से तय नहीं होता है।

सपा में किस हद तक कनफ्यूजन की स्थिति है इसका पता इसके प्रमुख नेताओं के बयानों से भी लगता है। मुलायम सिंह यादव से जब वोटिंग के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि सर्वदलीय बैठक में हमारे प्रतिनिधि ने साफ कहा था कि इस मुद्दे पर चर्चा होनी चाहिए। पार्टी का रुख क्या होगा, इस मुद्दे पर उन्होंने कहा कि मौका देखा जाएगा। राजनीति में कब क्या करना पड़ जाए इसकी पहले से भविष्यवाणी थोड़े ही की जा सकती है। जहां तक एफडीआई का सवाल है समाजवादी पार्टी इसके पुरजोर विरोध में है।
विज्ञापन


दूसरी ओर राज्यसभा में पार्टी के नेता रामगोपाल यादव ने कहा कि राज्यसभा में सरकार ये प्रस्ताव लाएगी तो हम खिलाफ में वोट करेंगे। जब उनसे पूछा गया कि लोकसभा में भी क्या पार्टी खिलाफ वोट करेगी तो जवाब मिला कि ये बात तो लोकसभा के नेताओं से पूछिए। जब रामगोपाल से पूछा गया कि एक ही पार्टी का लोकसभा और राज्यसभा में अलग-अलग रुख हो सकता है क्या, तो उनका जवाब था, कभी-कभी ऐसा होता है।

समाजवादी पार्टी के महासचिव मोहन सिंह का कुछ और ही कहना है। उन्होंने करीब-करीब सपा की भूमिका साफ कर दी। उनका कहना है कि एफडीआई पर अगर बीजेपी वोटिंग करा रही है तो समाजवादी पार्टी सरकार के साथ है। समाजवादी पार्टी बीजेपी के खिलाफ खड़ी है। जब उनसे इस मुद्दे पर सरकार की भूमिका पूछी गई तो उन्होंने कहा कि सरकार सभी चीजों को उलझाकर अपना काम बनाने के चक्कर में है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें