अगर अभी चुनाव हो जाएं तो समाजवादी पार्टी प्रमुख मुलायम सिंह यादव के सिर पर प्रधानमंत्री का ताज सज सकता है। इतना ही नहीं चुनाव जीतने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगा रही यूपीए और एनडीए को धराशायी कर तीसरा मोर्चा नई ताकत बनकर उभर सकता है।
इंडिया टुडे-सी वोटर के ओपिनियन पोल के मुताबिक इस समय चुनाव होने पर कुछ ऐसा ही होगा जनता का आदेश। यह सर्वे देश के सभी 28 राज्यों में किया गया।
सर्वे के अनुसार अगर अगस्त 2013 में चुनाव होते हैं तो कांग्रेस के नेतृत्व वाली यूपीए सरकार को सत्ता से हाथ धोना पड़ेगा। यूपीए को 122 सीटों के नुकसान के साथ केवल 137 सीटें मिलेंगी जबकि साल 2009 के आम चुनाव में यूपीए को 259 सीटें मिली थीं।
इसी तरह गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में भी भाजपा के नेतृत्व वाला एनडीए भी कोई खास कमाल नहीं दिखा पाएगा और केवल 155 सीटों के साथ सिमट कर रह जाएगा। एनडीए को 2009 के आम चुनाव में 159 सीटें मिली थीं और इस बार उसे चार सीटों का नुकसान होगा। अपनी बड़ी सहयोगी पार्टी जनता दल यूनाइटेड का साथ न होने का भी एनडीए को नुकसान होगा।
वहीं, सर्वे के मुताबिक कांग्रेस विरोधी लहर का सबसे ज्यादा फायदा अन्य दलों को मिलता दिख रहा है, जिनके खाते में 251 सीटें जाएंगीं।
अगर चुनाव में कांग्रेस और भाजपा की स्थिति की बात करें तो कांग्रेस को भारी नुकसान होता दिखाई दे रहा है और भाजपा को कुछ फायदा होगा। पोल के अनुसार, कांग्रेस को 85 सीटों के नुकसान के साथ 121 सीटें मिलेंगी और भाजपा को 14 सीटों के फायदे के साथ 130 सीटें मिलने की संभावना है।
मुलायम होंगे प्रधानमंत्री पद के दावेदार
ओपिनियन पोल की मानें तो अभी की स्थिति में तीसरा मोर्चा सबसे अधिक जीतों के साथ सफल होगा। अन्य दलों को 251 सीटें मिलने की संभावना है।
सर्वे के मुताबिक सपा की उत्तर प्रदेश में 13 सीटें बढ़कर 34 हो जाएगी। ऐसे में तीसरे मोर्चे की सरकार बनाने में सपा महत्वपूर्ण भूमिका सकती है और मुलायम सिंह प्रधानमंत्री पद की दावेदारी कर सकते हैं।
इसी बीच गुरुवार को ही मुलायम सिंह यादव ने एक बार फिर कहा कि देश में न तो भाजपा सरकार बनाएगी और न ही कांग्रेस। उन्होंने पूरे विश्वास के साथ कहा कि तीसरा मोर्चा ही सरकार बनाएगा।
अन्य राज्यों में स्थिति
अगस्त में लोकसभा चुनाव होने पर आंध्र प्रदेश में कांग्रेस को 7 सीटें मिल सकती हैं। ऐसे में कांग्रेस को यहां 20 से ज्यादा सीटों का नुकसान होगा। आंध्र में वाईआरएस कांग्रेस को 13 और तेलंगाना राष्ट्र समिति को 12 सीटें मिल सकती हैं।
गुजरात में भाजपा 21 सीटों पर जीत हासिल कर सकती है। यहां कांग्रेस को पांच सीटों पर जीत का अनुमान है।
सर्वे के अनुसार बिहार में भाजपा से अलग होने के बाद नीतीश कुमार की जदयू को भी नुकसान होता दिख रहा है। जदयू को 10 लोकसभा सीटों का नुकसान हो सकता है।
विधानसभा चुनावों में जनता का रुख
इसी साल देश में मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, दिल्ली, मिजोरम और राजस्थान में विधानसभा चुनाव होने हैं। ओपिनियन पोल में सामने आया है कि इन चुनावों में कांग्रेस को नुकसान होगा।
मध्यप्रदेश में शिवराज लगाएंगे हैट्रिक
पोल की मानें तो मध्यप्रदेश में शिवराज सिंह चौहान पूर्ण बहुमत के साथ हैट्रिक लगाकर सत्ता पर एक बार फिर काबिज होंगे। हांलाकि उन्हें राज्य में 21 सीटों के नुकसान के साथ 122 सीटें हासिल होंगी। भाजपा की यह सीटें कांग्रेस के खाते में जाएंगीं।
कांग्रेस को मप्र में साल 2008 के विधानसभा चुनावों में 71 सीटों पर जीत मिली थी तो इस पोल में 92 सीटें मिल रही हैं। भाजपा को साल 2008 की 143 सीटों के बजाय इस बार 122 सीटें मिल रही हैं।
दिल्ली में 'आप' बिगाड़ सकती है कांग्रेस का खेल
देश की राजधानी दिल्ली में कांग्रेस की पकड़ ढीली पड़ सकती है। अरविंद केजरीवाल की आम आदमी पार्टी (आप) कांग्रेस और भाजपा को नुकसान पहुंचा सकती है। इन चुनावों में कांग्रेस व भाजपा दोनों को 28-28 सीटें मिलेंगी जबकि साल 2008 में इन्हें 43-23 सीटें मिली थीं। दिल्ली विधानसभा में कुल 70 सीटें हैं। आप के खाते में नौ सीटें जाएंगी।
छत्तीसगढ़ में भाजपा की जीत
सर्वे के अनुसार छत्तीसगढ़ में भाजपा लोगों का विश्वास हासिल करती दिख रही है। रमन सरकार 45 सीटों के साथ राज्य में सरकार बनाएगी। भाजपा को पांच सीटों का नुकसान होगा। कांग्रेस को चार सीटों की बढ़ोतरी के साथ 42 सीटें मिलेंगी। राज्य विधानसभा में कुल 90 सीटें हैं।
राजस्थान में वसुंधरा करेंगी वापसी
सर्वे बताता है कि राजस्थान में कांग्रेस को धराशायी कर भाजपा की वसुंधरा राजे फिर से सत्ता सुख प्राप्त करेंगी। कांग्रेस को 17 सीटों का नुकसान होगा और 79 सीटों पर जीत मिलेगी। भाजपा 19 सीटों के फायदे के साथ 97 सीटों तक पहुंचेगी। यहां 200 विधानसभा सीटें हैं।