तृणमूल कांग्रेस के सरकार से समर्थन वापस लेने के बाद सरकार के अल्पमत में आने की संभावनाओं पर समाजवादी पार्टी ने बाहर से समर्थन जारी रखकर भले ही विराम लगा दिया है, लेकिन गैर कांग्रेसी और गैर भाजपाई दलों को मिलाकर तीसरे मोर्चे की सरकार बनाने का सपा मुखिया का सपना अभी भी बरकरार है।
सपा प्रमुख ने यूपीए दो सरकार को समर्थन जारी रखने के ऐलान के साथ ही अपने इस सियासी मंसूबे को छिपाया भी नहीं। वामदलों के अलावा कई राष्ट्रीय और क्षेत्रीय पार्टियां भी तीसरे मोर्चे के पक्ष में हैं। वर्ष 2014 के लोकसभा चुनावों में तीसरा मोर्चा कांग्रेस और भाजपा के खिलाफ बड़ा विकल्प हो सकता है।
सपा अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव ने शुक्रवार को कहा कि अगले लोकसभा चुनावों में तीसरे मोर्चे की ही जीत होगी। यह बाद में तय किया जाएगा कि तीसरे मोर्चे का नेतृत्व कौन करेगा। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी यूपीए सरकार से समर्थन वापस नहीं लेगी। अब मध्यावधि चुनाव हों या न हों, यह सरकार को तय करना है।
उन्होंने कहा कि सांप्रदायिक ताकतों को सत्ता में आने से रोकना हमारी प्राथमिकता है। सांप्रदायिक शक्तियों को दूर रखने के लिए हम यूपीए सरकार का समर्थन करेंगे। यदि सपा सरकार का समर्थन नहीं करेगी तो सांप्रदायिक पार्टी के सत्ता में आने की संभावना बन सकती है।