केंद्र में सत्ता परिवर्तन के साथ ही वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुल रोहतगी को भारत के नए अटार्नी जनरल के रूप में नियुक्त किया जाएगा।
देश के शीर्ष विधि अधिकारी पद के लिए लगाई जा रही अटकलों को खुद रोहतगी ने बुधवार को समाप्त कर दिया।
सुप्रीम कोर्ट के जानेमाने वकील रोहतगी ने कहा कि सरकार के शीर्ष कानून अधिकारी के पद की पेशकश उन्हें की गई है और उन्होंने इसके लिए हामी भी भर दी है।
उन्होंने कहा कि मैंने अपनी ओर से हामी भर दी है, लेकिन उसकी औपचारिक घोषणा होनी बाकी है। वह देश के 14वें अटार्नी जनरल होंगे।
उन्होंने कहा कि पदभार संभालने के बाद उनकी पहली प्राथमिकता सुप्रीम कोर्ट में याचिकाओं को व्यवस्थित करना होगा। रोहतगी ने कहा कि वह सुनिश्चित करेंगे कि उच्च अदालतें बेकार के मुकदमों से भरी नहीं रहें।
उन्होंने स्पष्ट किया कि वह पूरी कोशिश करेंगे कि सरकार अंतर-मंत्रालयी याचिकाओं में उलझी नहीं रहे।
केंद्र में सरकार बदलाव के बाद दोनों शीर्ष विधि अधिकारियों अटर्नी जनरल वाहनवती और सॉलिसिटर जनरल मोहन परासरन ने इस्तीफा दे दिया था।
सॉलिसिटर जनरल की पद के लिए रंजीत कुमार के नाम पर अटकलें जारी हैं।
गौरतलब है कि केंद्र सरकार में विधि अधिकारी, अटार्नी जनरल, सॉलिसिटर जनरल व एडिशनल सॉलिसिटर जनरल सरकार की ओर से देश की विभिन्न अदालतों में पेश होते हैं और विभिन्न मुद्दों पर कानूनी राय भी देते हैं।