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मुकेश अंबानी की नजर अब विदेशी अखबारों पर

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रिलांयस इंडस्ट्रीज के प्रमुख और भारत के सबसे अमीर व्यक्तियों में शुमार मुकेश अंबानी की नजर अब अंतर्राष्ट्रीय मीडिया साम्राज्य पर है। भारत के साथ-साथ विदेशों में भी अपना मीडिया साम्राज्य फैलाने को लेकर लालयित हैं। नेटवर्क 18 पर कब्जा करने के बाद अब मुकेश अंबानी की नजर अंतर्राष्ट्रीय बिजनेस अखबार फायनेंशियल टाइम्स पर है।
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बिजनेस स्टैंडर्ड की खबर के मुताबिक द टाइम्स में प्रकाशित एक रिपोर्ट में यह बात सामने आई है कि मुकेश अंबानी ने एक प्रतिनिधि के पियरसन से संपर्क साधा है। इस मामले में रिलायंस को एक मेल भी भेजा गया है।

इस रिपोर्ट के प्रकाशित होने तक उन सवालों के जवाब अभी तक नहीं मिल पाए थे। खबर के मुताबिक अगर यह समझौता हो जाता है तो पहली बार मुकेश अंबानी प्रिंट मीडिया के कारोबार के क्षेत्र में दस्तक देंगे।
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120 साल पुराना अखबार है एफटी

द संडे आर्ब्जवर और द आर्ब्जवर ऑफ बिजनेस एंड पॉलीटिक्स में भी रिलायंस समूह की हिस्सेदारी रही है। इन दोनों का ही प्रकाशन वर्ष 2000 में बंद हो गया था। फायनेंशियल टाइम्स 120 साल पुरान आर्थिक समाचार पत्र है। 1957 में इस समाचार पत्र का अधिग्रहण पियरसन ने कर लिया था। वर्ष 2012 में फायनेंशियल टाइम्स और उसके डिजिटल कारोबार की कुल कीमत 98.3 अरब रुपए थी।

फायनेंशियल टाइम्स के बिकने की खबर वर्ष 2012 में भी आई थी। पर कंपनी के सीईओ मारजोरी स्कॉरडीनो ने इस खबर को खारिज कर दिया था। लंदन स्थित पियरसन समूह के पास फायनेंशियल टाइम्स कुल स्वामित्व होने के साथ-साथ जानीमानी पत्रिका द इकॉनामिस्‍ट में 50 फीसदी और पेंग्विन रेंडम हाऊस में 47 फीसदी हिस्सेदारी है।

वर्ष 2013-14 में फायनेंशियल टाइम्स का पीयरसन समूह के कुल बिजनेस में 8 फीसदी का योगदान था। 2013-14 में फायनेंशियल टाइम्स ने 449 मिलियन पौंड का कारोबार किया था। कंपनी को 55 मिलियन पौंड का फायदा भी हुआ था।
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मुकेश अंबानी ने किया था नेटवर्क 18 का अधिग्रहण

पियरसन समूह का कुल कारोबार जून माह में खत्म तिमाही के मुताबिक 2.06 अरब पौंड का है। इसमें न्यूज और पब्लिशिंग न्यूज पेपर का बिजनेस 519 मिलियन पौंड है। अंतर्राष्ट्रीय बाजार में एक पौंड की कीमत 98.30 रुपए के बराबर है।

गौरतलब है कि मुकेश अंबानी ने नेटवर्क 18 और टीवी 18 ब्रॉडकास्टर्स का इस वर्ष के शुरूआत में अधिग्रहण किया था। इसके तहत समाचार चैनल सीएनबीसी-टीवी 18, सीएनएन-आईबीएन, आईबीएन लोकमत और आईबीएन-7 के साथ-सा‌थ एंटरटेनमेंट चैनल कलर्स, कॉमेडी सेंट्रल, एमटीवी में अंबानी के नियंत्रण में हैं।

फायनेंशियल टाइम्स का नाम भारत के लिए कुछ नया नहीं है। उद्योगपति बीके मोदी के साथ एफटी का संस्करण प्रकाशन के लिए पहले ही एमओयू पर हस्ताक्षर हुए थे। बिजनेस स्टैंडर्ड में भी एफटी की अल्प हिस्सेदारी थी जिसे बाद में बेच दिया गया था।
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