कट्टर अलगाववादी नेता मसर्रत आलम की रिहाई पर हो रहे हंगामे के बावजूद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद ने एक और अलगाववादी नेता को रिहा करने की तैयारी कर ली है।
केंद्र सरकार के सूत्रों का कहना है कि जम्मू-कश्मीर की सरकार आने वाले दिनों में अलगाववादी नेता आशिक हुसैन फक्तू को रिहा कर सकती है। फक्तू 22 साल से श्रीनगर जेल में बंद है। इकॉनमिक टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक फक्तू जम्मू-कश्मीर की जेलों में सबसे लंबे समय से बंद कैदियों में से एक है।
मुफ्ती सरकार फक्तू की रिहाई के फैसले को अमल में लाती है, तो भाजपा की मुसीबत और बढ़ सकता है। मसर्रत रिहाई के बाद से भाजपा और पीडीपी के बीच तनातनी बनी हुई है। गौरतलब है कि पीडीपी और भाजपा ने हाल ही में जम्मू-कश्मीर में सरकार बनाई है।
हालांकि सरकार के गठन के बाद से ही पीडीपी नेताओं और खुद मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद द्वारा कई ऐसे बयान दिए गए हैं, जिससे भाजपा को मुश्किल हुई।