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मोदी के खिलाफ ओबामा को लिखे पत्र में फर्जी हस्ताक्षर

Wed, 24 Jul 2013 11:39 PM IST
इंटरनेट डेस्क
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गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी को वीजा नहीं देने के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा को लिखे खत के मामले में सामने आए फर्जीवाडे़ के विवाद ने जबरदस्त तूल पकड़ लिया है।
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19 सांसदों ने खुद आगे आकर कहा है कि इन पत्रों पर किए हस्ताक्षर उनके नहीं, बल्कि फर्जी हैं। फर्जीवाड़े की बात सामने आते ही भाजपा ने मोदी विरोधियों की इस मुहिम के खिलाफ मैदान में आकर ताल ठोक दी है।

पार्टी सांसद सुदर्शन भगत ने मामला लोकसभा स्पीकर के दरबार में पहुंचा कर फर्जी हस्ताक्षरों के इस मामले की जांच कराने की मांग की है। मोदी समर्थक इस फजीवाड़े में शामिल लोगों के खिलाफ पुलिस में मामला दर्ज करने की कोशिश में भी जुटे हैं।
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मोदी विरोधियों के ओबामा की शरण में जाने की इस नई मुहिम से देश का सियासी माहौल गरमा गया है। केंद्र सरकार भी इस खत मामले से सहमत नहीं दिख रही है।

विदेश राज्यमंत्री परनीत कौर ने कहा कि वीजा देना या न देना अमेरिका का मामला है। दूसरी ओर भाजपा ने इस मुद्दे पर आक्रामक रुख अपनाते हुए कांग्रेस को दोषी ठहराया है।

पार्टी प्रवक्ता प्रकाश जावडेकर ने कहा कि कुछ सांसद इस बात से इनकार कर रहे हैं कि उन्होंने इन पत्रों पर हस्ताक्षर किए थे। इससे साफ है कि यह कांग्रेस का षड्यंत्र है।

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इस फर्जीवाड़े के खिलाफ सबसे पहले सामने आने वाले माकपा सांसद सीताराम येचुरी ने बुधवार को भी दोहराया कि पत्र पर उनके हस्ताक्षर नहीं हैं।

उन्होंने इस मुहिम की निंदा करते हुए कहा कि हम भारत के अंदरूनी मामले में उसकी संप्रभुता को कमजोर करने वाले किसी भी बाहरी हस्तक्षेप का कड़ा विरोध करते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसा लगता है, जो किया गया, वह ‘कट पेस्ट’ वाला प्रयास था।

येचुरी के साथ ही द्रमुक के केपी रामलिंगम और भाकपा के एमपी अच्युतन, एनसीपी सांसद वंदना चौहान व संजीव नायक ने भी ऐसे किसी पत्र पर हस्ताक्षर करने से साफ इंकार कर दिया है।

इस तरह 19 सांसद सामने आ चुके हैं। मालूम हो कि व्हाइट हाउस को फैक्स किए गए दो पत्रों पर 65 सांसदों के हस्ताक्षर हैं।

हस्ताक्षर से किया इंकारः-
--माकपा नेता सीताराम येचुरी
--द्रमुक के केपी रामलिंगम
--भाकपा के एमपी अच्युतन
--एनसीपी सांसद वंदना चौहान व संजीव नायक

येचुरी ने अपने पेन से मेरे सामने पत्र पर खुद दस्तखत किए थे। यदि मैं गलत हूं तो येचुरी मेरे खिलाफ मुकदमा दर्ज कराएं। गलत साबित होने पर मैं इस्तीफा देने को तैयार हूं।--मोहम्मद अदीब, निर्दलीय सांसद

किसी सांसद ने व्यक्तिगत तौर पर कुछ किया है तो यह अलग बात है। लेकिन कांग्रेस कोई षड्यंत्र नहीं कर रही है। पार्टी में इस (मोदी के वीजा विरोध) मुद्दे पर कोई चर्चा नहीं हुई। राजनीति से बढ़कर राष्ट्र है।--राज बब्बर, कांग्रेस प्रवक्ता

मैंने कभी ऐसे किसी पत्र पर हस्ताक्षर नहीं किए। मैं देश के अंदरूनी मामलों में किसी और बाहरी मुल्क का हस्तक्षेप नहीं चाहता। न तो ऐसा मेरा चरित्र है और न ही मेरी पार्टी का सिद्धांत।--सीताराम येचुरी, माकपा

कई सांसदों ने ओबामा को लिखे पत्र पर हस्ताक्षर करने से इंकार किया है। इससे साफ है कि यह सब कांग्रेस के ओछी हरकतें करने वाले विभाग का षड्यंत्र है। सांसदों के फर्जी हस्ताक्षर के इस मामले की जांच होनी चाहिए।--प्रकाश जावडेकर, भाजपा

ये 65 सांसद अमेरिका को थर्ड अंपायर बनाने की कोशिश कर रहे हैं। मोदी के सामने सियासी मैदान में बुरी तरह पस्त हुए इन सांसदों को अब विदेशी मदद की जरूरत है।--निर्मला सीतारमण
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