देश के सांसदों पर यूं तो संविधान ने जनता का भला करने का जिम्मा सौंपा है लेकिन इंडियन एक्सप्रेस के नये खुलासे में यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है कि ये सांसद अपने ही रिश्तेदारों को पद और पैसे से मालामाल करने में लगे हुए हैं।
इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार, देश के 146 सांसद अपने बेटों, बेटियों, बीवियों, भाइयों, बहनों और अन्य नजदीकी रिश्तेदारों को अपना निजी सहायक (पीए) बना रखा है, जिनको सरकारी खाते से वेतन दिया जाता है।
आरटीआई से प्राप्त जानकारी के आधार पर इंडियन एक्सप्रेस ने यह खुलासा किया है कि जनता की गाढ़ी कमाई से रिश्तेदारों को फायदा पहुंचाने वाले 146 सांसदों में 104 लोकसभा के और 42 राज्यसभा के सदस्य हैं। इन सांसदों ने कम से कम 191 रिश्तेदारों को पीए नियुक्त कर रखा है।
वेतनमान और भत्तों के नियमों के अनुसार, लोकसभा और राज्यसभा सचिवालय हर महीने सांसदों को पीए रखने के लिए 30,000 रुपये देती है। यह पैसे सांसद किसी एक पीए को भी दे सकते हैं या इसे एक से अधिक पीए में बंटवारा कर सकते हैं।
हालांकि सांसद अपने परिवार के लोगों या निजी रिश्तेदारों को पीए बनाकर किसी कानून का उल्लंघन नहीं कर रहे हैं लेकिन इस बारे में कुछ वरिष्ठ सांसदों का कहना है कि इससे नैतिकता से जुड़े सवाल खड़े होते हैं। उनका कहना है कि इससे पार्टी के वफादार कार्यकर्ताओं और उस पद के योग्य व्यक्तियों का हक मारा जाता है।
इंडियन एक्सप्रेस के खुलासे में यह पता चला है कि पीए के रूप में नियुक्त लोगों में सांसदों के 60 बेटे, 36 बीवियां, 27 बेटियां, 7 भाई और 4 पति सहित अन्य रिश्तेदार शामिल हैं।
अपने रिश्तेदारों को पीए बनाने में सभी पार्टी के सांसद शामिल हैं। इनमें से 38 सांसद बीजेपी से, 36 सांसद कांग्रेस से, 12 सपा से, 8 डीएमके से, 7 बीजेडी से, 6 जेडीयू से और बाकी अन्य पार्टियों से हैं।
146 में से 36 सांसदों ने एक से ज्यादा रिश्तेदारों का अपना पीए बना रखा है और 4 सांसदों ने परिवार के तीन सदस्यों को पीए बनाया है। कुछ सांसदों ने दो पीए में से एक अपने रिश्तेदार को रखा है जिनको वह 30,000 रुपये का बड़ा शेयर देते हैं और दूसरा पीए नॉन फैमिली मेंबर को बना रखा है जिनको वह छोटा अमाउंट देते हैं।