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सांसद उपेन्द्र कुशवाहा ने जेडीयू से नाता तोड़ा

Mon, 10 Dec 2012 12:11 PM IST
पटना/इंटरनेट डेस्क
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जेडीयू सांसद उपेन्द्र कुशवाहा ने पार्टी से नाता तोड़ लिया है और राज्यसभा सदस्यता से भी इस्तीफा दे दिया है। उनके साथ पूर्व सांसद अरुण कुमार, जदयू नेता संजय वर्मा व राजेश यादव ने भी पार्टी छोड़ दी है। अब वे तीन मार्च को गांधी मैदान में आयोजित रैली में एक नई पार्टी का गठन कर बिहार की जनता को नया विकल्प देंगे।
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एफडीआई को लेकर राज्यसभा में वोटिंग के दौरान पार्टी लाइन से हटकर सरकार के पक्ष में मतदान करने वाले कुशवाहा ने बिहार नवनिर्माण मंच द्वारा आयोजित एक सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि पार्टी के बंधन से तो वे राजगीर सम्मेलन में ही मुक्त हो गए थे, केवल औपचारिकता ही बच गई थी। आज मैने अपने कार्यकर्ताओं के सामने इस्तीफा की घोषणा कर औपचारिकता पूरी कर दी है।

कुशवाहा ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को ललकारते हुए कहा कि हिम्मत है तो नीतीश अपने इर्द-गिर्द बैठे लोगों पर कार्रवाई करके दिखाएं। उन्होंने कहा कि जदयू के पुराने कार्यकर्ता बाहर हो गए हैं, कभी पार्टी को गाली देने वाले सिरमौर बने बैठे हैं।
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उन्होने नई पार्टी की नीतियों का खुलासा करते हुए कहा कि उनकी पार्टी नौजवानों को इज्जत के साथ रोटी-रोजगार दिलाने को संघर्ष करेगी। सत्ता मिली तो यह कार्य प्राथमिकता पर होगा। नवनियुक्त शिक्षकों की नियुक्ति को नियमित करेंगे। किसी भी नियमित पद पर अनियमित बहाली नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि राज्य में 80 फीसद किसान हैं और उनके विकास के बिना बिहार का विकास संभव नहीं। वर्तमान सरकार दलितों, महादलितों, सवर्णो व अति पिछड़ों को भ्रमजाल फैलाकर ठगने का काम किया है।

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए पूर्व सांसद अरुण कुमार ने तीन मार्च को गांधी मैदान में रैली का आयोजन करने की घोषणा करते हुए कहा कि इसी दिन पार्टी के नाम व नीतियों की घोषणा कर दी जाएगी। रैली का संयोजक पूर्व विधायक सतीश कुमार को बनाया गया है।
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