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संसद में उठा बिग बॉस का मसला, लगाम की मांग

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मंगलवार को राज्ससभा में सांसदों ने एक मनोरंजन टेलीविजन चैनल पर आने वाले कार्यक्रम बिग बॉस के कंटेंट को लेकर सरकार पर हमला बोला। राज्यसभा सांसदों ने कहा कि बिग बॉस का कंटेट काफी खराब है। इतना खराब कंटेंट आने के बाद भी सरकार ने अभी तक इस कार्यक्रम के बारे में कोई कार्रवाई नहीं की है।
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कांग्रेस के सांसद कर्ण सिंह, समाजवादी पार्टी के सांसद विशंभर प्रसाद निषाद और आरपीआई पार्टी के सांसद रामदास अठावले ने राज्यसभा में सरकार की तरफ से बिग बॉस जैसे कार्यक्रम के खिलाफ क्या कार्रवाई की गई है, पर जवाब मांगा।

राज्यसभा सांसद कर्ण सिंह ने छोटी लड़कियों के डांस कार्यक्रमों पर भी रोक लगाने की मांग की। उन्होंने कहा कि छोटी बच्चियों को ऐसे कार्यक्रम में भाग नहीं लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि वह डांस के खिलाफ नहीं है। पर छोटी बच्चियों को ऐसे कार्यक्रम में हिस्सा लेने के लिए सरकार की तरफ से कुछ गाइडलाइंस होनी चाहिए।
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बिग बॉस का कंटेंट है खराब

समाजवादी पार्टी के राज्यसभा सांसद विशंभर प्रसाद निषाद ने कहा कि बिग बॉस जैसे कार्यक्रम का कंटेंट काफी खराब है। इसके बावजूद भी उसपर रोक नहीं लगी है। सरकार के पास क्या ऐसे कंटेंट की जांच के लिए कोई संस्‍था नहीं है। ऐसे कार्यक्रम पर रोक लगनी चाहिए। आरपीआई सांसद ने आरपीआई रामदास अठावले ने भी उसके बिगबॉस के कंटेंट को लेकर उंगली उठाई।

सांसदों के उठाए मुद्दे का जवाब देते हुए केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण राज्यमंत्री राज्यवर्द्धन सिंह राठौड़ ने कहा कि सरकार की तरफ से इस बाबत चैनलों को नोटिस भेजे जाते हैं। इलेक्ट्रॉनिक मीडिया मॉनीटरिंग सेंटर चैनलों के कंटेंट की जांच करता है। ईएमएमसी की क्षमता को और अधिक बढ़ाया जाएगा जिससे अधिक से अधिक चैनल के कंटेंट की जांच की जा सके।

इसके अलावा मनोरंजन चैनलों ने खुद के कंटेंट की जांच के लिए खुद से ही संस्‍थाएं बना रखी है। संस्‍थाएं खुद भी ऐसे कंटेंट के खिलाफ कार्रवाई करती हैं।
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