आंध्र प्रदेश में अलग तेलंगाना राज्य के विरोध में कड़प्पा सांसद और वाईएसआर कांग्रेस अध्यक्ष जगनमोहन रेड्डी ने शनिवार को सांसद पद से इस्तीफा दे दिया।
जगन के साथ ही उनकी माता और विधायक वाई एस विजया ने भी अपने पद से इस्तीफा दे दिया। जगन ने आंध्र के बंटवारे के प्रस्ताव को कांग्रेस का एकतरफा और अहंकारी कदम बताया।
हालांकि आंध्र के बंटवारे पर उन्होंने अपनी पार्टी वाईएसआर कांग्रेस के रुख को साफ नहीं किया।
पार्टी सांसद मेकपति राजमोहन रेड्डी ने बताया कि जगन और उनकी माता विजया ने खुले पत्र के जरिये अपने इस्तीफे की घोषणा की।
रेड्डी ने बताया कि जगन मोहन ने हैदाराबाद की चंचलगुड़ा जेल अधिकारियों के जरिये अपना इस्तीफा भिजवाया।
उनके मुताबिक संबंधित सदनों के सभापतियों को फैक्स और डाक के जरिए इस्तीफे भेज दिया गया है।
इस्तीफे में जगन और विजया ने कांग्रेस पार्टी और तेलुगू देशम पार्टी की आलोचना करते हुए बंटवारे के लिए जिम्मेदार ठहराया।
उन्होंने बंटवारे के बाद प्रभावित हुए लोगों प्रति एकता भी जताते हुए कहा कि बिना वास्तविकता जाने आपके द्वारा किए गए इस बंटवारे ने राज्य को विषम परिस्थितियों में डाल दिया है।
बंटवारे से प्रभावित हुए करोड़ों लोगों के प्रति एकता जताते हुए इस फैसले के विरोध में हम अपने पदों से इस्तीफा दे रहे हैं।