एएमयू के मॉर्डन इंडियन लैंग्वेज डिपार्टमेंट के प्रोफेसर डॉ.श्रीनिवासन रामचंद्र सिरास का नाम इस शहर के लिए नया नहीं। गे-स्कैंडल से चर्चाओं में आए सिरास की सुसाइड के बाद मुद्दे ने तूल पकड़ा था। मगर पारिवारिक पैरवी और साक्ष्यों के अभाव में मुकदमा दाखिल दफ्तर हो गया।
अब प्रोफेसर सिरास और उनके चरित्र पर मनोज वाजपेयी अभिनीत फिल्म ‘अलीगढ़’ 26 फरवरी को रिलीज हो रही है। खास बात यह है कि फिल्म सोशल साइट्स से लेकर सेंसर बोर्ड तक प्रोफेसर सिरास की असल कहानी से ज्यादा चर्चित में है। फिल्म को लेकर लोग बेहद उत्सुक हैं।
6 माह का सिरास प्रकरण
नागपुर महाराष्ट्र के प्रोफेसर सिरास क्वार्सी इलाके की दुर्गाबाड़ी की गली नंबर दो निवासी अधिवक्ता सुभाष चंद्र कमल के मकान में किराए पर रहते थे। निलंबन के बाद वह घर की चारदीवारियों में कैद रहने लगे थे।
7 अप्रैल की शाम दुर्गंध आने पर सिरास का शव उनके कमरे में बेड पर पड़ा मिला था। पोस्टमार्टम के बाद उनका शव नागपुर से आए परिजनों के सुपुर्द कर दिया था।