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मां ने कलेजों के टुकडों को दी ये कैसी खौफनाक मौत

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अलीगढ़ के दलित आबादी वाले मोहल्ला नगला तिकोना में बृहस्पतिवार को दलित महिला ने अपने तीन मासूम बच्चों की हत्या कर खुद फांसी लगाकर जान दे दी। महिला ने बच्चों को इस बेरहमी से मारा कि पहले उनके मुंह में कपड़े ठूंस दिए और फिर उनके हाथों की नसें काट दीं।
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दिन भर कमरे में बंद बच्चों व महिला के बाहर न आने पर शक हुआ तो परिजनों ने दरवाजा तोड़कर अंदर का नजारा देखा। खबर पर एसएसपी सहित आला अधिकारी पहुंच गए। फील्ड यूनिट ने भी साक्ष्य संकलित किए हैं।

देर रात तक पुलिस जांच में जुटी थी। घटना का कारण स्पष्ट नहीं हो पा रहा था। नगला तिकोना निवासी अमित उर्फ छोटू जाटव ने छह साल पूर्व मोहल्ले की रेखा (26) पुत्री शंकरलाल से प्रेम विवाह किया था।
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तीन भाइयों में सबसे छोटा अमित तीन भाइयों के परिवार के साथ एक ही घर में रहता है। खुद हलवाई का काम करता है। सुबह रोजाना की तरह वह काम पर चला गया। दुपहर 12 बजे उसकी पत्नी नहाने व खाने-पीने के बाद बेटी मोनी (5), बेटा मयंक (3) व चिराग (2) को लेकर अपने कमरे में बंद हो गई।
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छह साल पूर्व महिला ने किया था प्रेम विवाह

शाम साढ़े पांच बजे तक जब अंदर से कोई आहट न हुई तो काफी देर दरवाजा खटखटाने के बाद बड़ी जेठानी ने छत पर से दरवाजे के ऊपर बने जंगले में झांककर देखा तो उसकी चीख निकल गई। बाद में शोर मचा दिया। मोहल्ले की पब्लिक एकत्रित हो गई।

जब दरवाजा तोड़कर देखा तो रेखा की लाश रस्सी के फंदे से पंखे पर झूल रही थी। तीनों बच्चे बेड पर मृत अवस्था में पडे़ थे। उनके मुंह में कपड़े ठुंसे हुए थे और हाथ की कलाइयों से खून बह रहा था।

एस पी जे रविंदर गौड़ ने कहा कि अभी तक बच्चों की हत्या के बाद खुद हत्या करने का कारण स्पष्ट नहीं है। पति व सास को थाने ले जाकर पूछताछ की जा रही है। मायका पक्ष को भी थाने बुला लिया गया है। चूंकि अभी शादी को छह साल नहीं हुए, इसलिए कई कारण हो सकते हैं। उसी के अनुसार जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।
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