केंद्र में मंत्री बनने की उम्मीद लगाये नेता केंद्रीय नेतृत्व की ओर से संभावित मंत्रियों के नामों को अंतिम दिन तक गोपनीय रखने से बेचैन रहे। पच्चीस मई की देर रात तक सूची की टोह लेने में नाकामयाब होकर कई नेता रात भर बेचैनी में करवटें बदलते रहे।
सुबह गुजरात भवन से मोदी की ओर से संभावित मंत्रियों को चाय पर निमंत्रण के लिए फोन आने के बाद ही इन नेताओं के दिल को करार आ सका।
नरेंद्र मोदी की कार्यशैली केअनुसार ही केंद्र में मंत्रिमंडल के गठन को लेकर कुछ चुनिंदा नेताओं तक ही चर्चा सीमित रही।
नामों को लेकर बेचैनी बढ़ने लगी
मंत्रिमंडल में जगह मिलने की उम्मीद रखने वाले तथा मीडिया में बार बार नाम आने के कारण दर्जनों भाजपा सांसद मंत्री पद के बारे में अपने नाम के सूची में शामिल होने की जानकारी लेने में जुटे रहे।
पच्चीस मई की शाम से नेताओं में नामों को लेकर बेचैनी बढ़ने लगी।
कई नेता देर रात तक अपने आकाओं से मंत्रिमंडल की संभावित सूची में अपने नामों की पुष्टि करने में लगे रहे, किंतु उन्हें सफलता नहीं मिली। सुबह फिर से लोग सूची की टोह में राजनाथ सिंह से लेकर आडवाणी के घर तक दौड़ लगाने में जुट गये थे।
मोदी ने किए नेताओं को फोन
फोन पर भी सांसद एक दूसरे से सूची केबारे में पूछताछ करते रहे। कुछ देर बाद गुजरात भवन से मोदी की चाय पार्टी पर भाजपा नेताओं को निमंत्रण के लिए फोन आने लगे।
लेकिन तमाम महत्वपूर्ण नेताओं को जब यह निमंत्रण नहीं मिला तो खुलासा हुआ कि केवल संभावित मंत्रियों को मोदी की ओर से चाय पार्टी पर बुलाया गया था।
दोपहर बाद साफ हुई स्थिति
मोदी की चाय पार्टी में मंत्री बनने की उम्मीद रखने वाले नेताओं में से मुरली मनोहर जोशी, करिया मुंडा, सुमित्रा महाजन, मुख्तार अब्बास नकवी, शहनवाज हुसैन, राजीव प्रताप रूडी, एसएस अहलूवालिया, विजय गोयल, अनुराग ठाकुर, शांता कुमार जैसे लोगों को नहीं बुलाये जाने से इनके समर्थकों में निराशा फैल गई।
टीवी चैनलों ने भी इन्हें मंत्री नहीं बनाने की खबर प्रसारित करना शुरू कर दी। चाय पार्टी से वंचित भाजपा नेता भी अपने घरों में कैद हो गये। दोपहर बाद संभावित मंत्रियों को बुलावे का पत्र जारी हो जाने के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकी।