असम में ताजा हिंसा में 70 से ज्यादा लोग मारे गए हैं। इस संख्या के और बढ़ने की आशंका है। बोडो अलगाववादियों ने मंगलवार को असम के सोनितपुर और कोकराझार जिले में 52 आदिवासियों को मार डाला था। इसे लेकर विरोध प्रदर्शन भी हुए। इस हिंसा के क्या कारण हैं?
असम की ताजा हिंसा पुलिस और सुरक्षा बलों द्वारा नेशनल डेमोक्रेटिक फ्रंट ऑफ बोडोलैंड (एनडीएफबी) के खिलाफ चल रहे अभियान के जवाब में हुई है।
अभियान के दौरान हाल ही में इस गुट के कुछ नेता और कार्यकर्ता मारे गए थे। इसके बाद गुट ने धमकी दी थी कि "ऐसा होता रहा तो हम ऐसा सबक़ सिखाएंगे कि आप भूल नहीं पाएंगे।"
इसके बाद यह घटना हुई। बच्चों, महिलाओं और निर्दोष पुरुषों को मारना मानवता के खिलाफ अपराध है। यह बात केवल ताबिलान पर ही लागू नहीं होती। यह घटना पिछले हफ़्ते पाकिस्तान में हुई वारदात जितनी ही भयानक है।