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आखिर कब आएंगे डॉक्टर साहब, दो माह से है इंतजार

Wed, 23 Sep 2015 04:09 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, आगरा
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एसएन मेडिकल कालेज में इलाज के अभाव में ‘जिंदगियों’ के साथ मानवता भी दम तोड़ रही है। पिछले महीनों में बाल रोग विभाग में तीन नवजात और रेडियो थेरेपी विभाग एक रोगी की मौत इसका स्पष्ट प्रमाण हैं।
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ताजा मामला फर्रुखाबाद निवासी रामा की 10 साल की बेटी मोनिका का है। सिर के दर्द से कराहती मोनिका जोर-जोर से चिल्लाती तो है, लेकिन उसकी आवाजें सुनकर भी कोई चिकित्सक इलाज को नहीं पहुंचता।

यह सिलसिला दो माह से जारी है। जबकि कर्ज में डूबे तीमारदारों पर हर रोज एक हजार रुपये की दवाओं का बोझ है।मोनिका की मां का कहना है कि अब चिकित्सकों से विश्वास उठ चुका है।
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नहीं देखने आए डॉक्टर

पिछले दो महीनों में 60 हजार रुपये से अधिक खर्च हो गए। सिर दर्द की शिकायत पर एसएनएमसी में न्यूरोसर्जन डा. सौरभ शर्मा को दिखाया था। उन्होंने नसों में पानी होने की बात कहकर आपरेशन जरूरी बताया।

रुपयों का इंतजाम कर रामा ने दो महीने पहले घड़ी वाली बिल्डिंग के सर्जरी विभाग में मोनिका को भर्ती कराया। आपरेशन के बाद भी मोनिका का दर्द नहीं गया। जांच कर डाक्टर ने दूसरे आपरेशन की जरूरत बताई। इसी बीच सर्जरी विभाग नई आठ मंजिला में शिफ्ट हो गया।

तब से मोनिका को डाक्टर देखने नहीं आए। हालत बिगड़ने लगी तो रामा और उसके भाई रामबहादुर डा. शर्मा से मिले। उन्होंने कहा, नई इमारत में आपरेशन थिएटर चालू नहीं है, इसके शुरू होते ही आपरेशन कर देंगे।

रामा ने विभागाध्यक्ष डा. श्वेतांक प्रकाश और प्राचार्य से भी शिकायत की, लेकिन सुनवाई नहीं हुई। प्राचार्य डा. एसके गर्ग ने बताया कि दो दिन में मोनिका का आपरेशन करा दिया जाएगा। मरीज से आपरेशन किट के नाम पर वसूली के मामले की जांच कराई जाएगी।
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और फफक पड़ी रमा

आपरेशन में पहने जाने वाले कपड़ों के नाम पर भी एसएनएमसी में वसूली हो रही है। आरोप है कि मोनिका के आपरेशन के लिए डाक्टरों ने किट (आपरेशन में इस्तेमाल होने वाले कपड़े) के लिए 950 रुपये वसूल लिए।

राम बहादुर ने बताया कि आपरेशन से लेकर अभी तक सभी दवाओं का खर्चा खुद ही उठा रहे हैं। हर रोज 800-1000 रुपये की दवा आती है। अब तक 60 हजार से अधिक रुपये खर्च हो गए।

रामा बताती हैं कि वह अपने मायके में ही रहती हैं। भाई ने मदद की। बोलीं कि भाइयों की माली हालत भी ठीक नहीं, अब कर्ज लेकर इलाज करा रही हैं। इतना कहते ही रामा फफक पड़ीं।
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