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मगरमच्छ का भोजन बनते बनते बचा फोटोग्राफर

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काम में मगन होना अच्छी बात है। निडरता भी अच्छी है। लेकिन ज़्यादा मगन और निडर होना भी ख़तरनाक साबित हो सकता है। जैसा कि इस फ़ोटोग्राफ़र के साथ हुआ और वो मगरमच्छ का भोजन बनते बनते बचा।
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कोस्टारिका के फ़ोटोग्राफ़र एंतोनियो रूईस ने मगरमच्छ की फ़ोटो खींचते खींचते इतने करीब चले गए कि एक क्षण की भी चूक हो जाती तो वे भूखे मगरमच्छ का भोजन बन चुके होते।
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ये पूरी घटना उनके मित्र के वीडियो कैमरे में क़ैद है। उन्होंने इसे यूट्यूब पर डाला है जिसे पिछले पाँच दिनों में पाँच लाख से अधिक लोगों ने देखा है।

झपट पड़ा मगरमच्छ

फोटोग्राफर एंतोनियो रूईस अपने मित्र के साथ डेविड क्लो के साथ नदी के उस हिस्से में थे जिसे 'क्रोकोडायल' ब्रिज कहा जाता है।

वीडियो में दिखता है कि रूईस अपना कैमरा लेकर नदी के किनारे बैठे हैं और मगरमच्छ की फोटो खींच रहे हैं।

वे अपने मित्र को इशारा करते हैं और वे मांस का टुक़ड़ा नदी की ओर उछालते हैं ताकि मगरमच्छों को करीब बुलाया जा सके।

इन मांस के टुकड़ों के सहारे दो मगरमच्छ नदी के पाट तक चले आए और रूईस के इशारे पर उनका मित्र मांस के टुकड़े फेंकता रहा।

एक क्षण ऐसा आया कि एक मगरमच्छ को मांस का टुकड़ा मिला लेकिन दूसरे को, जो शायद भूखा था, मांस का टुकड़ा नहीं मिल पाया।

अपने मित्र से बातचीत करने में मगन रूईस ने एकाएक देखा कि एक मगरमच्छ नदी से निकलकर उन पर झपट पड़ा है।

फोटोग्राफर रूईस आनन फानन में उठकर वहाँ से भागे।

कह सकते हैं कि वे बाल बाल ही बचे। एक क्षण की चूक होती तो वे अपने मगरमच्छ का भोजन बन चुके होते।


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