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'कारपोरेट जगत के जासूस हैं मोइली'

Sun, 02 Mar 2014 12:31 AM IST
अमर उजाला, दिल्ली
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जानेमाने फिल्म निर्देशक महेश भट्ट ने केंद्रीय पर्यावरण मंत्री एम वीरप्पा मोइली को कारपोरेट जगत का जासूस करार दिया है।
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जीएम फसलों पर पूर्व पर्यावरण मंत्री जयंती नटराजन के निर्णय को पलटे जाने के एक दिन बाद शुक्रवार को भट्ट ने इस बारे में कई ट्वीट किए।

उन्होंने कहा कि मोइली एक कारपोरेट जासूस हैं। उन्हें निश्चित तौर पर यह स्पष्ट करना चाहिए कि देश में जब 26 करोड़ टन से अधिक अनाज का उत्पादन हो रहा है वैसे में उन्हें जीएम फसलों की क्या जरूरत है।

मोइली ने अनुवांशिकी में बदलाव कर बनाई गई 200 प्रकार की बीजों के फील्ड ट्रायल की अनुमति दी है। जीएम फसलों के विरोधी भट्ट ने बहुराष्ट्रीय बीज कंपनियों को भी आड़े हाथों लिया।
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उनका मानना है कि इंसान के स्वास्थ्य की कीमत पर ये कंपनियां भारत में जीएम फसलें लाना चाहती हैं। उन्होंने ट्वीट किया कि पैसे की भूखी ये कंपनियां विज्ञान का इस्तेमाल इंसान की जिंदगी के खिलाफ कर रही हैं।

भट्ट ने एक और ट्वीट में कहा कि यदि जीएम फसलों में हमारी फसलों को मिलाया जाता है तो सरकार के खिलाफ याचिका दायर की जानी चाहिए। उन्होंने उपभोक्ताओं से जागरूक होने की अपील करते हुए कहा कि एक बार जब जीएम फसलें आ आएंगी तो उन्हें फिर वापस नहीं लिया जा सकेगा।

मोइली ने बीज कंपनियों और कृषि शोध संस्थाओं को देश में उन जीएम फसलों के वैज्ञानिक जमीनी परीक्षण को मंजूरी दी है जिन्हें सरकारी नियामक जेनेटिक इंजीनियरिंग अप्रेजल कमेटी ने पिछले साल मार्च में मंजूरी दी थी।
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नटराजन ने इस बारे में फैसले को ठंढे बस्ते में डाल दिया था। ताजा फैसले में चावल, गेहूं, मक्का, अरंडी और कपास की 200 से अधिक जीएम बीजों के परीक्षण की अनुमति दी गई है, जिससे कि भविष्य में इनकी व्यावसायिक उत्पादन की संभावना तलाशी जा सके।
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