राजस्थान की गुलाबी नगरी जयपुर में इस हफ्ते से शुरू हो रहे कांग्रेस के चिंतन शिविर में 2014 के आम चुनाव में नए सहयोगी दलों को अपने साथ जोड़ने और गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से मिलने वाली चुनौती के मुद्दों के छाए रहने की उम्मीद है।
साथ ही दिल्ली गैंगरेप की घटना के चलते देशभर में भड़के आक्रोश की पृष्ठभूमि में महिला सशक्तीकरण के मसले पर भी फोकस रहेगा। चिंतन बैठक में इस मामले पर एक संकल्प पत्र को स्वीकार किया जा सकता है। इसके लिए एक उप कमेटी ने ड्राफ्ट पेपर पहले ही तैयार किया हुआ है।
जयपुर में दो दिवसीय चिंतन शिविर 18 जनवरी से शुरू होगा। इसके बाद 20 जनवरी को एआईसीसी की बैठक होगी। शिविर में सोनिया गांधी की अध्यक्षता में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के नेतृत्व वाली सरकार के नौ साल के कार्यकाल की भी समीक्षा की जाएगी। शिविर के दौरान पार्टी महासचिव राहुल गांधी पर भी सभी की नजर रहेगी।
कार्यक्रम में शामिल हो रहे 350 सदस्यों में सौ से अधिक यूथ कांग्रेस और एनएसयूआई के सदस्य होंगे। इसके पहले 1998 में पंचमढ़ी और 2003 में शिमला में हुए सम्मेलनों में युवा नेताओं की कोई भूमिका नहीं थी।
चिंतन शिविर में कांग्रेस के लिए गुजरात चुनाव में हैट्रिक लगाने वाले नरेंद्र मोदी के अगले आम चुनाव में भाजपा की ओर से प्रधानमंत्री पद की उम्मीदवारी पर चर्चा होने की उम्मीद है। हालांकि भाजपा ने अभी तक इस बारे में कोई ऐलान नहीं किया है लेकिन कांग्रेसी नेताओं को महसूस हो रहा है कि मोदी अगले आम चुनाव में विपक्षी पार्टी की ओर से स्टार प्रचारक होंगे।
गुजरात में पिछले दो दशक से कांग्रेस सत्ता से बाहर है। इसके अलावा उत्तर प्रदेश में 1989, बिहार में 1990 और त्रिपुरा में 1993 से सत्ता में वापसी नहीं कर सकी है। साथ ही पश्चिम बंगाल में पार्टी की हालत ज्यादा सही नहीं है। यह मसले पर भी चर्चा की जाएगी।