संयुक्त राष्ट्र महासभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भाषण पर बहुत से लोगों की नज़रें टिकी थीं। जब शनिवार को उन्होंने महासभा को संबोधित किया तो कभी उनकी ज़बान फिसली तो कभी लड़खड़ाई।
भाषण की शुरुआत में ही उन्होंने महासभा के अध्यक्ष सैम कुटेसा को सैम कुरेसा बोल दिया। मोदी ने महासभा के 69वें सत्र का जब ज़िक्र किया तो हिंदी और अंग्रेज़ी का अनूठा मेल पेश किया और इसे उन्होंने सिक्सटी नाइन्थवें सत्र कहा।
उन्होंने भारत को वन पॉइंट ट्वेंटी फ़ाइव (1।25) बिलियन लोगों का देश बताया जबकि दशमलव के बाद वाले अंकों को अलग-अलग पढ़ा जाता है। मोदी मल्टीलेटरलिज़म (Multilateralism) शब्द पर लड़खड़ाते दिखे।
जब वो स्वतंत्र भारत की उपलब्धियों का ज़िक्र कर रहे थे तो साठ वर्षों की बजाय उन्होंने साठ दशक कह दिया। हिंदी में भाषण देने के बावजूद उन्होंने कई बार 69 को उन्हत्तर नहीं बल्कि सिक्सटी नाइन ही बोला।
एक बार वो समुद्र को समिद्र कह गए तो स्पेस को उन्होंने स्पेश कहा। संयुक्त राष्ट्र की महासभा में आम तौर पर किसी भी देश के प्रतिनिधि को बोलने के लिए 15 मिनट का समय दिया जाता है, लेकिन मोदी लगातार 34 मिनट तक डटे रहे।