प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में हरियाणा में एक कार्यक्रम में अपने मुख्यमंत्री की हूटिंग से कांग्रेस तिलमिलाई हुई है।
इसी के चलते उसने अपने सभी मुख्यमंत्रियों को प्रधानमंत्री के कार्यक्रम में न्यूनतम प्रोटोकॉल का पालन करने का निर्देश दिया है। साथ ही पार्टी ने सभी विपक्षी दलों के मुख्यमंत्रियों से पीएम मोदी के कार्यक्रमों से दूर रहने को कहा है।
पार्टी सूत्रों ने बताया कि कांग्रेस नेताओं की राय है कि जहां तक संभव हो सके पार्टी के मुख्यमंत्रियों को प्रधानमंत्री मोदी के दौरे के दौरान केवल न्यूनतम प्रोटोकॉल का ही पालन करना चाहिए और उनके कार्यक्रमों में मंच साझा नहीं करना चाहिए क्योंकि भाजपा ऐसे कार्यक्रमों का राजनीतिक फायदा उठाने की कोशिश कर सकती है।
सोनिया गांधी की राय
कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने भी ऐसी ही राय जाहिर करते हुए पार्टी के मुख्यमंत्रियों को पत्र लिखा था। कांग्रेस महासचिव और हरियाणा के प्रभारी शकील अहमद का कहना है कि जैसा हरियाणा में हुआ, वैसा अन्य जगहों पर भी हो सकता है।
इसके पीछे राजनीतिक लाभ हासिल करना है। प्रधानमंत्री चुनाव वाले राज्यों महाराष्ट्र, जम्मू और कश्मीर तथा हरियाणा का दौरा कर रहे हैं। बृहस्पतिवार को वह झारखंड जा रहे हैं।
अहमद ने कहा कि झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को भी सतर्कता बरतनी चाहिए और कार्यक्रम से दूर रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह केवल कांग्रेस के ही नहीं बल्कि सभी स्वाभिमानी मुख्यमंत्रियों के लिए है कि उन्हें मोदी के राजनीतिक कार्यक्रमों से दूर रहना चाहिए।
प्रधानमंत्री के साथ मंच साझा करने से इनकार
अहमद की प्रतिक्रिया हरियाणा के मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा की मोदी की मौजूदगी में जनता द्वारा जबरदस्त हूटिंग के वाकये के बाद आई है।
इस वाकये के बाद हुड्डा ने भविष्य में प्रधानमंत्री के साथ मंच साझा करने से इनकार कर दिया था। उन्होंने इस घटना के लिए भाजपा को जिम्मेदार ठहराया था। अहमद ने कहा कि यह भाजपा और मोदी का विपक्षी मुख्यमंत्रियों को अपमानित करने का अपना तरीका है ताकि इसका राजनीतिक फायदा उठाया जा सके।
उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाएं हरियाणा और महाराष्ट्र में हो चुकी हैं। 16 अगस्त को सोलापुर में मोदी की मौजूदगी में जनता की हूटिंग के चलते महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण को अपना भाषण बीच में रोकना पड़ा था।