इन दिनों कांग्रेस की तरफ से भाजपा के पीएम पद के दावेदार पर अगर कोई सबसे तीखे हमले कर रहा है, तो वो पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी या उपाध्यक्ष राहुल गांधी नहीं हैं। मोदी पर निशाना साधने के मामले में इन दोनों से आगे प्रियंका गांधी हैं।
रायबरेली और अमेठी में चुनाव प्रचार करने के दौरान वो हर रोज राहुल की तारीफ कर रही हैं और मोदी पर अलग-अलग बहाने से हमला कर रही हैं। लेकिन मोदी की तरफ से सीधे हमले सोनिया और राहुल पर हो रहे हैं, प्रियंका पर नहीं। गुजरात के मुख्यमंत्री प्रियंका के हमलों पर पलटवार कर रहे हैं, लेकिन उनके पति रॉबर्ट वाड्रा के कंधे पर बंदूक रखकर।
सवाल उठना लाजिमी है कि जिस तरह मोदी सोनिया-राहुल को कटघरे में खड़ा कर रहे हैं, उस तरह प्रियंका पर हमला क्यों नहीं किया जा रहा। उनके एक टीवी इंटरव्यू पर छिड़ी बहस ने इसका संभावित जवाब खोजने की कोशिश की है।
प्रियंका ने मोदी को क्या दिया जवाब?
ऐसी खबर आई थी कि नरेंद्र मोदी ने एक इंटरव्यू में कहा कि वो प्रियंका गांधी पर हमला इसलिए नहीं करते क्योंकि वे उनकी बेटी जैसी हैं और भारतीय संस्कृति इसकी इजाजत नहीं देती।
जब इस बारे में प्रियंका से पूछा गया तो उन्होंने जवाब दिया, 'मैं राजीव गांधी की बेटी हूं।' जब प्रिंयका ने यह बात कही तो उनके चेहरे पर काफी सख्त रुख दिखाई दिया। वरिष्ठ कांग्रेस नेता चिदंबरम ने भी कहा कि उन्हें नहीं लगता कि प्रियंका मोदी को पिता समान मानती होंगी।
भाजपा ने इस पूरे घटनाक्रम पर निराशा जताई है। पार्टी प्रवक्ता निर्मला सीतारमण ने कहा कि वित्त मंत्री भारतीय संस्कृति से वाकिफ नहीं हैं।
डीडी के इंटरव्यू पर उठा सवाल
टीओआई के मुताबिक सरकारी प्रसारक दूरदर्शन ने हाल में भाजपा के पीएम पद के दावेदार नरेंद्र मोदी का एक इंटरव्यू किया, लेकिन यह अब विवादों में फंस गया है। ऐसे कयास लगाए जा रहे हैं कि इस इंटरव्यू के कुछ हिस्से संपादन में बाहर कर दिए गए हैं।
खबर है कि इस साक्षात्कार में मोदी ने प्रियंका को अपनी 'बेटी जैसा' बताया था, लेकिन जब प्रसारण हुआ, तो यह बात नहीं दिखी। इसका प्रसारण रिकॉर्डिंग के दो दिन बाद 27 अप्रैल को हुआ था।
लेकिन सोशल मीडिया पर यह खबर उड़ी कि जिस सवाल के जवाब में नरेंद्र मोदी ने प्रियंका गांधी को अपनी बेटी जैसा बताया, वो पूरा का पूरा हिस्सा इस इंटरव्यू से हटा दिया गया।
मोदी ने भी जताई इंटरव्यू पर हैरानी
सूत्रों के मुताबिक इस इंटरव्यू की रिकॉर्डिंग 26 अप्रैल को की गई थी और इसका प्रसारण 27 अप्रैल रात साढ़े 9 बजे किया गया। प्रोग्राम का नाम 'खास मुलाकात' था, जिसका कोई खास प्रमोशन या टीजर नहीं दिखाए गए।
मोदी के समर्थकों ने ट्विटर पर उतरकर यह सवाल उठाया कि इस इंटरव्यू के प्रसारण में देर क्या हुई और क्या इस पर सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय की ओर से कोई दबाव बनाया गया था।
संयोग से मोदी ने इस इंटरव्यू के दौरान कहा था कि एक साल तक गुजरात के दूरदर्शन केंद्र ने उन्हें ब्लैकआउट किया था, ऐसे में जब उन्हें चैनल की तरफ से आग्रह मिला, तो उन्हें हैरानी हुई।
मोदी ने प्रियंका को बताया बेटी जैसा
एक सूत्र ने बताया, "निश्चित तौर पर इस इंटरव्यू को ज्यादा तरजीह न देने की कोशिश की गई। ऐसे भी कयास थे कि इसका प्रसारण तब तक नहीं होगा, जब तक डीडी कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी का इंटरव्यू नहीं करता।"
सूत्रों के मुताबिक यह करीब एक घंटे का इंटरव्यू था, लेकिन एडिटिंग में काफी वक्त गुजारा गया। उन्होंने कहा, "सतर्कता बरतते हुए वो हिस्सा हटा दिया गया, जिसमें मोदी ने प्रियंका गांधी पर हमला करने से इनकार कर दिया था।"
उन्होंने कहा, "मोदी ने कहा कि प्रियंका उनकी बेटी की तरह हैं, न कि उनकी मां सोनिया गांधी और भाई राहुल गांधी की तरह राजनीतिक विरोधी। मोदी ने कहा था कि भारतीय संस्कृति बेटियों पर हमला करने की संस्कृति नहीं सिखाती।"
प्रसार भारती के सीईओ ने भी मानी गलती
जब यह पूछा गया कि इस हिस्से को एडिट क्यों किया गया, तो सूत्र ने कहा, "ऐसा माना गया कि यह हिस्सा राजनीतिक विवाद पैदा कर सकता है, इसलिए इसे हटा दिया गया।"
जब प्रसार भारती के सीईओ से इंटरव्यू दिखाने में देरी के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा, "इसे तुरंत दिखाया जाना चाहिए था। जैसे ही मुझे इसकी जानकारी मिली, मैंने बैठक कर इसका स्लॉट तय किया। समाचार संगठन होने के नाते बिकने वाली खबर को नहीं रोका जाना चाहिए।"
उन्होंने कहा, "मुझे बताया गया कि डीडी ने मोदी के इंटरव्यू के बाद इस मामले को संतुलित बनाने के लिए दूसरा इंटरव्यू लेने की अपनी तरफ से पूरी कोशिश की।" हालांकि, उन्होंने इस जानकारी से इनकार किया कि इसके कुछ हिस्से एडिट किए गए हैं।