कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी की विदेश यात्राओं पर सरकारी खजाने से 1880 करोड़ रुपए खर्च किए जाने का आरोप लगाने वाले गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी अपने बयान से एक कदम पीछे हट गए हैं। मोदी ने कहा कि उन्होंने अपना बयान एक समाचार पत्र की खबर पढ़ने के बाद दिया। यदि समाचार पत्र की खबर गलत है तो वह अपने बयान के लिए माफी मांगने के लिए तैयार हैं।
मोदी ने कहा कि अगर अखबार में गलत खबर छपी तो इसका खंडन क्यों नहीं किया। मुख्यमंत्री ने एक आरटीआई याचिका का हवाला देते हुए पिछले तीन साल में सोनिया के विदेश दौरों पर 1880 करोड़ रुपये खर्च होने का दावा किया था, मगर उक्त याचिका दायर करने वाले हिसार के सामाजिक कार्यकर्ता ने यह कहकर मोदी के दावे की हवा निकाल दी कि उसे अभी तक सरकार की ओर से याचिका पर कोई जवाब नहीं मिला है।
वहीं कांग्रेस ने भी आरोपों पर जमकर पलटवार किया। जिसके बाद मोदी ने सोमवार देर रात कहा कि मुझे यह जानकारी अखबार से मिली थी। अगर आरोप गलत साबित होते हैं तो मैं सार्वजनिक रूप से माफी मांगने को तैयार हूं।
इससे पहले मोदी ने यहां कहा कि मैं गुजरात सरकार पर अनियंत्रित खर्च करने का आरोप लगाने वाले कांग्रेस के उन मित्रों से पूछना चाहता हूं कि क्या यह सच नहीं है कि पिछले तीन सालों में कांग्रेस अध्यक्ष की विदेश यात्राओं पर राजकोष से 1880 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं।
इतनी राशि में तो चार जिलों भावनगर, जामनगर, जूनागढ़ और राजकोट का सालाना बजट तैयार हो जाता। मोदी के दावे पर रमेश वर्मा ने कहा कि मैं नहीं जानता कि मोदी कहां से इन 1880 करोड़ के आंकड़ों का हवाला दे रहे हैं। मुझे जो जानकारी मिली है, उसके हिसाब से सोनिया की विदेश यात्राओं पर 80 से 85 लाख रुपये खर्च हुए हैं। वहीं कांग्रेस प्रवक्ता मनीष तिवारी ने कहा कि शीशे के घर में रहने वाले दूसरों पर पत्थर नहीं फेंका करते।
तिवारी ने गुजरात की विभिन्न सरकारी योजनाओं में एक लाख करोड़ रुपये का घोटाला होने का आरोप मोदी पर ठोका। तिवारी ने कहा है कि मोदी कोई सवाल उठाने से पहले एक लाख करोड़ का हिसाब दें। जबकि गुजरात कांग्रेस ने कहा है कि मोदी अपने दिमाग पर से नियंत्रण खो चुके हैं। सोनिया आगामी चुनाव के मद्देनजर कल राजकोट में किसानों की रैली को संबोधित करेंगी।