भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दो दिवसीय नेपाल दौरे पर आज काठमांडू पहुंच गए हैं। काठमांडू के एक होटल में स्कूली बच्चों ने मोदी का स्वागत किया। मोदी ने यहां पर ट्रामा सेंटर का उद्घाटन किया। मोदी ने नेपाल से अपील की कि वो जल्द से जल्द संविधान का निर्माण सहमति से करे। इससे उनका फायदा होगा।
मोदी ने ट्रामा सेंटर का उद्घघाटन करते हुए कहा कि नेपाल से उनका पुराना नाता रहा है। मोदी ने कहा कि यह ट्रामा सेंटर एक ऐसा नजराना है जो जीवन रक्षक है और जो नजराना जीवन रक्षक होता है वो हमें जड़ों से जोड़ता है। उन्होंने कहा कि यह ट्रामा सेंटर भारत और नेपाल के बीच अच्छे संबंधों का उदाहरण बन रहा है। मोदी ने कहा कि नेपाल को जो भी मदद चाहिए होगी भारत उसके लिए तहे दिल से तैयार है।
मोदी ने कहा कि शास्त्रों मे कहा गया है कि सेवा परमो धर्मा और यह जिस शास्त्र में कहा गया है उससे भारत और नेपाल दोनों जुड़े हुए हैं। मोदी ने कहा कि मैं मुक्तिनाथ जाना चाहता था और सड़क मार्ग से जाना चाहता था। समझना चाहता था कि जब भारत के लोग वहां जाते हैं तो उन्हें किस तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ता है और मैं उसमें सुधार करना चाहता था।
मोदी ने कहा कि मैं लुंबिनी, मुक्तिनाथ और जनकपुर के लोगों से माफी मांगता हूं कि मैं वहां नहीं जा पाया। उन्होंने कहा कि थोड़ी समय की कमी थी इसलिए ऐसा नहीं हो पाया। लेकिन मैं भरोसा दिलाता हूं कि मैं जल्द ही वहां पर आऊंगा।
मोदी ने कहा, "नेपाल के हर नागरिक को भारत के प्रधान सेवक पर प्रधान अधिकार है। मैं जब पिछली बार आया था और जब अब आया हूं तो 100 दिन भी नहीं बीते हैं। जब विश्वास का इंजन लग जाता है तो किसी काम में देरी नहीं होती है। मात्र 100 दिनों के भीतर मात्र विश्वास के इंजन की बदौलत ही 30-30 सालों के लंबित पड़े कामों को हम निपटा रहे हैं।"
मोदी ने कहा कि नेपाल के सभी राजनीतिक दल और राजनीतिक व्यवस्था से जुड़े अधिकारियों ने आगे बढ़ने का प्रयास किया। रूकावटें भी आई लेकिन उन्होंने उसके बावजूद हिम्मत नहीं हारी। मैं उन सभी का जिन्होंने लंबे लटके कार्यों को आगे बढ़ाने का कार्य किया, मैं सभी का अभिनंदन करता हूं।