मलयेशिया के विमान पर हुए हमले में 295 लोगों की मौत की घटना के बाद भारत ने एयर इंडिया व सभी निजी एयरलाइंस को इस विवादित क्षेत्र से दूर रहने को कहा है।
उन्हें निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी तरह की दुर्घटना से बचने के लिए वे सुरक्षित वैकल्पिक रूट का चयन करें।
साथ ही नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने साफ किया है कि जिस समय यूक्रेन में यह घटना हुई, उस समय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी या एयर इंडिया का कोई अन्य विमान वहां आसपास नहीं था।
मंत्रालय ने बताया कि प्रधानमंत्री के फ्लाइट प्लान में किसी तरह का कोई बदलाव नहीं किया गया था। वह बृहस्पतिवार रात को ही ब्रिक्स सम्मेलन में हिस्सा लेने के बाद स्वदेश लौटे हैं।
दुर्घटनाग्रस्त विमान में कोई भारतीय नहीं
नागरिक उड्डयन मंत्रालय और नागरिक उड्डयन महानिदेशक (डीजीसीए) ने शुक्रवार को आधिकारिक बयान जारी कर जेट एयरवेज समेत सभी एयरलाइंस को निर्देश जारी किया है कि वह विवादित क्षेत्र से दूरी बनाकर रखें।
जेट एयरवेज और एयर इंडिया ही दो ऐसी एयरलाइंस हैं, जो यूरोप और उत्तरी अमेरिका के लिए उड़ान भरती हैं। मंत्रालय ने यह भी साफ किया कि जिस समय मलयेशियाई विमान के साथ यह हादसा हुआ, उस समय कोई भी भारतीय विमान उसके आसपास नहीं था।
जानकारी के मुताबिक दुर्घटनाग्रस्त मलयेशियाई विमान में कोई भी भारतीय नहीं था। नागरिक उड्डयन मंत्री अशोक गजपति राजू ने कहा कि प्रधानमंत्री को जर्मनी से वापस लेकर आ रहे एयर फोर्स वन विमान को यूक्रेन के एयरस्पेस के पास कोई खतरा नहीं था।
उन्होंने कहा, ‘मुझे लगता है कि यह सिर्फ अटकलें हैं। हमारे प्रधानमंत्री के विमान को कोई खतरा नहीं था। एयर फोर्स वन का फ्लाइट डाटा विदेशी रडार पर था। जब भी किसी वीआईपी विमान का एयर रूट तैयार होता है, तो संबंधित देशों को इसकी जानकारी दी जाती है। अगर आप उन्हें जानकारी नहीं देंगे, तो जरूर समस्या हो सकती है।’
यूक्रेन से दूर रहेंगे भारतीय विमान
एयर इंडिया के सूत्रों ने कहा है कि अंतरराष्ट्रीय निर्देशानुसार हम यूक्रेन जैसे विवादित जोन से दूर रहेंगे। एयरलाइंस को अमेरिका और यूरोपीय देशों की ओर जाने के लिए फैसला करना होगा।
हालांकि अमेरिका और यूरोप जाने के लिए कई वैकल्पिक रूट भी हैं और उन्हें यह फैसला करना होगा कि इस मामले में अंतरराष्ट्रीय निर्देशों का पालन करना है या नहीं।
सच्चाई यह है कि इस साल अप्रैल में यूक्रेन में पैदा हुए विवाद के बाद से कई एशियाई एयरलाइंस ने अपनी उड़ाने के रूट में परिवर्तन कर दिया था।
सूत्रों के मुताबिक इससे पहले बृहस्पतिवार को नागरिक उड्डयन मंत्री राजू ने अपने मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की। जो भी फ्लाइटें संवेदनशील क्षेत्र या देशों से होकर गुजरती हैं, उनके फ्लाइट प्लान की समीक्षा की जा रही है।