गुजरात के मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी ने एक बार फिर भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजनाथ सिंह को संकट में डाल दिया है। राजनाथ शनिवार को जयपुर में एक मीडिया हाउस की ओर से आयोजित-अल्पसंख्यक समाज के समक्ष चुनौतियां विषयक सेमिनार में हिस्सा लेने पहुंचे थे।
सेमिनार के बीच उन्हें गुजरात की भाजपा सरकार के मुस्लिम विरोधी होने के आरोप झेलने पड़े। राजनाथ का भाषण समाप्त होते ही मंच पर ही बैठे कांग्रेस नेता माहिर आजाद ने गुजरात सरकार से जुड़ा तीखा सवाल दागा, जिस पर भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी शुरू कर दी। इस माहौल में राजस्थान के राष्ट्रीय व प्रदेश स्तरीय वरिष्ठ भाजपा नेता राजनाथ को बाहर छोड़ कर आए।
कार्यक्रम के दौरान राजनाथ ने भाषण की अंतिम पंक्तियों में कहा कि पार्टी की ओर से वे कहना चाहते हैं कि अल्पसंख्यकों के साथ भाजपा शासित राज्यों में कोई भेदभाव नहीं किया जा रहा है यदि किसी को कोई शिकायत हो तो वह उन्हें बताए।
इसके बाद राजनाथ ने जैसे ही भाषण समाप्त किया तो राज्य अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष माहिर आजाद ने मंच पर आकर पहले एक पर्चा राजनाथ के हाथों में थमा दिया।
पर्चा लेकर राजनाथ चल पड़े तो आजाद ने मंच पर से ही यह सवाल दागा कि राजनाथ बताएं कि गुजरात में अल्पसंख्यकों के बारे में कितनी योजनाएं पूरी की गई हैं।
आजाद ने आरोप भी लगाया कि पिछले 15 सालों में गुजरात में एक भी अल्पसंख्यक विद्यार्थी को वजीफा नहीं दिया गया है। आजाद के साथ ही दर्शकों में से भी कुछ लोगों ने इसी तरह के सवाल करने शुरू कर दिए। इस दौरान माहौल बिगड़ने लगा और हंगामा खड़ा हो गया।