गुजरात 2002 दंगों के बाद अल्पसंख्यकों को लेकर लगातार निशाने पर रहे भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी ने मुस्लिम कार्ड खेलते हुए अल्पसंख्यकों को लुभाने की कोशिश की है।
अहमदाबाद में मोदी ने आज अपने भाषण के दौरान हिंदू-मुस्लिम एकता को जरूरी बताया।
नरेंद्र मोदी ने गुजरात के मुस्लिमों का उदाहरण देते हुए कहा कि उनमें काफी प्रतिभा है, लेकिन इन लोगों एक उपयुक्त मंच की जरूरत है। मोदी ने अल्पसंख्यकों की जो तारीफ की, उसे आगामी लोकसभा चुनावों के लिए एक स्टंट माना जा रहा है।
मुस्लिमों को लुभाने की कोशिश
नरेन्द्र मोदी ने अपने भाषण के दौरान कहा कि हिन्दू और मुस्लिम विकास की गाड़ी के दो पहिए हैं और किसी भी देश के विकास के लिए लोगों के बीच एकता जरूरी है।
मोदी ने यहां साबरमती नदी के पास बिजनेस विद हारमनी नाम से एक मुस्लिम बिजनेस कॉनक्लेव का उद्घाटन करते कहा कि कि हिन्दू और मुस्लिम समुदाय किसी भी विकास की गाड़ी के दो पहिए होते हैं और समाज के विकास के लिए एकता जरूरी है।
उन्होंने कहा सभी लोगों ने राज्य के विकास में योगदान दिया है। हमें तीव्र गति से विकास करने की जरूरत है। आर्थिक विकास के लिए 24 घंटे बिजली की आपूर्ति जरूरी है। पिछले 20 वर्षो में हमारे समाज में एक परिवर्तन देखा गया है।
गुजरात के मुसलमानों की तारीफ
मोदी ने कहा कि कच्छ में मुसलमानों के पास एक बड़ा व्यवसाय है। कच्छ में मुसलमानों ने काफी प्रगति की है। पतंग उद्योग के विकास से राज्य के मुसलमान बडे़ पैमाने पर लाभान्वित हुए हैं। गुजरात में सात अरब करोड़ रुपये का पतंग व्यवसाय है।
मुस्लिम महिलाओं और युवाओं की प्रशंसा करते हुए मोदी ने कहा कि उनमें काफी प्रतिभा है लेकिन इन लोगों एक उपयुक्त मंच की जरूरत है। उन्होंने कहा हमें इनकी प्रतिभा का इस्तेमाल किए जाने की जरूरत है।
हम यह सुनिश्चित करेंगे कि मुस्लिम महिलाएं भी विकास में साझेदार बने। उन्होंने कहा कि रोजगार खोजने की बजाय वे अन्य लोगों को रोजगार उपलब्ध कराने की स्थिति में होगे1एक भूखा व्यक्ति पूजा भी नहीं कर सकता है।
'दंगा पीड़ितों के लिए मोदी ने क्या किया'
एक तरफ जहां मोदी मुस्लिमों की तरफ अपना हाथ बढ़ा रहे हैं वहीं गुजरात दंगों के दौरान चर्चा में रहे दंगा पीड़ित कुतुबुद्दीन अंसारी
ने मोदी की आलोचना की थी।
स्थानीय अखबारों को दिए इंटरव्यू में अंसारी ने कहा कि गुजरात दंगा पीड़ितों के लिए मोदी ने क्या किया।
मोदी कभी दंगा पीड़ितों के साथ खड़े नहीं हुए। दंगे के कारण मुझे गुजरात छोड़ना पड़ा, मीडिया में मेरी तस्वीरें आने के कारण मुझे नौकरी से निकाल दिया गया। अंसारी ने कहा कि मुझे बंगाल ने स्वीकारा। दंगों के कारण मुझे अपना घर छोड़ना पड़ा।
अंसारी ने वहीं एक अंग्रेजी अखबार से बातचीत के दौरान अंसारी ने कहा था कि मोदी को अपने विरोधी विचारों की भी रक्षा करनी होगी।