उत्तराखंड की त्रासदी पर कांग्रेस और भाजपा में जुबानी जंग थम नहीं रही है। गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी के एक दिन में ही 15 हजार गुजरातियों को बचाने की बात पर विवाद गहरा गया है।
भाजपा अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने कहा है कि मोदी ने कभी दावा नहीं किया था कि 15 हजार तीर्थ यात्रियों को उन्होंने बचाया।
वहीं कांग्रेस ने पलटवार किया है कि अगर मोदी ने यह बात नहीं की है तो इसका खंडन भी नहीं किया है। मामला बढ़ने के बाद ही अब राजनाथ सिंह इस तरह की सफाई दे रहे हैं।
कांग्रेस सांसद जगदंबिका पाल ने कहा कि सेना, आईटीबीपी और एनडीआरएफ के लोग मिलकर भी एक दिन में औसतन दो से तीन हजार लोग निकाल रहे हैं।
मगर बताया जा रहा है कि मोदी ने एक दिन में ही 15 हजार लोगों को बचा लिया। आखिर इस बात का पहले क्यों खंडन नहीं किया गया। कलई खुलने पर ही क्यों सफाई दी जा रही है।
पाल ने कहा कि ऐसे वक्त पर मोदी और भाजपा को राजनीति करने से बाज आना चाहिए। उन्होंने मोदी के केदारनाथ का कायाकल्प करने की बात पर भी पलटवार किया कि इस समय जिंदा लोगों को बचाने के लिए आगे आना चाहिए। वह दूसरे मुद्दों को उठाकर लोगों को गुमराह कर रहे है।
दूसरी तरफ भाजपा नेता मुख्तार अब्बास नकवी ने फिर सवाल उठाया है कि जब गृह मंत्री सुशील कुमार शिंदे ने वीआईपी लोगों को उत्तराखंड नहीं जाने की सलाह दी थी। तो फिर राहुल को वहां जाने की इजाजत क्यों दी गई।
इसके जवाब में कांग्रेस ने कहा कि जिस समय गृह मंत्री ने यह बात कही थी। तब राहुल वहां नहीं गए थे। पाल ने कहा कि राहुल गांधी राहत कार्य में हाथ बंटाने गए थे। वह मोदी की तरह राजनीति करने नहीं गए थे।