गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर भाजपा में मची खींचतान के बीच जानेमाने अमेरिकी विद्वान स्टीफन पी कोहेन ने उन्हें वैचारिक तौर पर तेजतर्रार लेकिन आर्थिक तौर पर अवसरवादी बताया है।
अपनी नई किताब ‘शूटिंग ए सेंचुरी’ में कोहेन ने कहा कि भाजपा में उभरते सितारे मोदी पाकिस्तान को लेकर दोतरफा सोच रखने का प्रतीक हैं। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और राहुल गांधी के साथ भी कुछ ऐसा ही है।
पड़ोसी पाकिस्तान के मीडिया में मोदी राग
वाशिंगटन स्थित प्रतिष्ठित थिंक टैंक ब्रूकिंग्स इंस्टीट्यूट में विदेश नीति के विशेषज्ञ कोहेन ने लिखा है कि मोदी कई सांप्रदायिक घटनाओं से जुड़े हुए हैं।
इसके बावजूद वह भारत के सबसे असरदार राजनेताओं में से एक हैं, खास तौर से पाकिस्तानी सीमा से सटे अपने गृह राज्य गुजरात में वह बेहद लोकप्रिय हैं।
विश्व मीडिया में भी गूंजी मोदी की 'ताजपोशी'
मोदी आतंकवाद को बढ़ावा देने के लिए पाकिस्तान पर जब तब बरसते रहते हैं। पाक में आतंकवाद को लेकर रुख स्पष्ट नहीं करने को लेकर वह अमेरिका समेत कई अन्य देशों की भी तीखी आलोचना करते हैं।
हो सकता है कि यह आलोचना अमेरिका के उन्हें वीजा देने से इंकार करने का असर दिखाती हों। लेकिन पाकिस्तान पर उनका हमला संघ को खुश करता है।
राहुल vs मोदी: किसमें कितना है दम
चीनी निवेश लुभाने के लिए किए अपने चीन दौरे के दौरान मोदी ने पीओके में चीनी सैनिकों की मौजूदगी पर कड़ा रुख जाहिर किया था, लेकिन निसंदेह चीनियों ने मोदी को बताया था कि वह भारत और पाकिस्तान के बीच अच्छे संबंधों की उम्मीद करते हैं।
पाक से व्यापार करने पर गुजरात को भी फायदा होगा। लेकिन उन्होंने भारत और पाकिस्तान के संबंधों को सामान्य करने को लेकर कोई बात नहीं कही।