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काले धन पर मोदी ने दिया आखिरी मौका

Mon, 02 Mar 2015 10:02 AM IST
एजेंसी/नई दिल्ली
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वित्त राज्य मंत्री जयंत सिन्हा ने कहा है कि विदेश में काला धन रखने वाले भारतीयों को अपने विदेशी खातों या संपत्ति की जानकारी देने का एक आखिरी मौका दिया जाएगा। ऐसा न करने पर उन्हें जेल जाना पड़ सकता है।
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सिन्हा ने रविवार को कहा कि विदेश में अपनी संपत्ति का खुलासा न करने वालों को सात साल तक की कड़ी सजा मिलेगी। वहीं कर चोरी और आमदनी छिपाने वालों को दस साल की जेल का सामना करना पड़ेगा। काले धन पर अंकुश लगाने के लिए सरकार मौजूदा सत्र में एक विधेयक लाने जा रही है। ये प्रावधान उस बिल का हिस्सा हैं।

उन्होंने इस बात को भी खारिज कर दिया कि सरकार काला धन रखने वालों को माफी देने की कोई योजना लाने जा रही है। सिन्हा ने कहा, ‘माफी की कोई योजना नहीं है। हमने स्पष्ट तौर पर कहा है कि सरकार यह उम्मीद करती है कि देश के बाहर अघोषित संपत्ति व खाता रखने वाले लोग इसे घोषित करेंगे।’ वित्त राज्य मंत्री ने कहा, ‘हमने इसके लिए एक मौका उपलब्ध कराया है। लेकिन इसमें माफी की कोई गुंजाइश नहीं है। आपके पास जो कुछ भी है, उसे घोषित करने के लिए निश्चित समय है। अगर आप ऐसा नहीं करते हैं तो आपको सात साल तक की सजा का सामना करना पड़ेगा।’
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प्रस्तावित कानून को स्पष्ट करते हुए वित्त राज्य मंत्री ने कहा कि आमदनी छिपाने और कर चोरी करने वालों को दस साल तक की जेल हो सकती है। कानून के प्रावधानों के अनुसार, विदेशी खाताधारकों के लिए आयकर रिटर्न में इसके खोले जाने की तारीख की जानकारी देना आवश्यक होगा।

सख्त रवैया
हमने काले धन के खुलसे के लिए एक मौका मुहैया कराया है। हम कोई माफी योजना नहीं लाने जा रहे हैं। आपके पास जो कुछ भी है, उसे घोषित करने के लिए निश्चित समय है। अगर आप ऐसा नहीं करते हैं तो आपको सात साल तक की सजा का सामना करना पड़ेगा। - जयंत सिन्हा, वित्त राज्य मंत्री
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कुछ ही देशों में है काले धन पर कानून

काले धन पर प्रस्तावित कानून लाने के बाद भारत उन देशों की क्लब में शामिल हो जाएगा जहां आमदनी छिपाने और कर चोरी कर विदेश में संपत्ति बनाने के लिए दस साल तक की सजा का प्रावधान है। जानकारों के अनुसार, भारत में प्रस्तावित कानून के तहत सजा और अर्थदंड दूसरे देशों से ज्यादा हो सकता है।

भारत का कानून होगा ज्यादा सख्त
प्रस्तावित कानून के तहत विदेश में आमदनी और संपत्ति छिपाने पर 300 गुना ज्यादा टैक्स चुकाना होगा। इसके अलावा ऐसा करने वालों को समझौता आयोग के पास जाने की इजाजत नहीं होगी। आयकर रिटर्न दाखिल न करने अथवा विदेशी संपत्ति के बारे में गलत जानकारी देने वाले अभियोजन के  स्वयं उत्तरदायी होंगे। उनके लिए सात साल की सजा का प्रावधान है।

अमेरिका में भी जेल और जुर्माना
सभी कर अपराधों के लिए अमेरिकी कानून में एक साल की कैद तय है। साथ ही टैक्स रिटर्न दाखिल न करने, गलत कर छूट पाने और झूठे कर दस्तावेज देने अथवा खुलासा करने पर एक लाख अमेरिकी डॉलर के जुर्माने का प्रावधान है। ‘धन वापसी के लिए झूठे दावे जैसी साजिश रचने’ पर दस साल की जेल और एक लाख अमेरिकी डॉलर का जुर्माना लगता है। जांच में अवरोध उत्पन्न करने अथवा बाधा डालने और गलत टैक्स रिटर्न दाखिल करने अथवा ऐसा करने का प्रयास करने पर तीन साल की कैद और ढाई लाख डॉलर के जुर्माने की व्यवस्था है। कर चोरी, टैक्स न चुकाने, कर अपराध की साजिश रचने पर पांच साल की सजा और ढाई लाख का जुर्माना तय है।

ब्रिटेन में होती है कड़ी कार्रवाई
ब्रिटेन में 2012 के ‘शीर्ष कर चोरों’ की सूची में 32 लोगों का नाम था। इन लोगों को कुल 150 साल से अधिक की सजा हुई है। इसके अलावा ब्रिटिश अधिकारियों ने हाल ही में विदेशों में संपत्ति रखने और आय छिपाने वालों के खिलाफ कड़ी सजा का प्रावधान किया है। इसमें बाहर कर चोरी करने पर देय कर का 200 फीसदी चुकाना होगा।

सिंगापुर में पांच साल तक की सजा
सिंगापुर के आयकर अधिनियम के तहत अंतरराष्ट्रीय कर चोरी के दोषी अथवा कर चोरी में सहयोग करने वाले व्यक्ति को लगाए गए कर का चार गुना भुगतान करना होगा। इसके अलावा उसे हर्जाने के तौर पर 50 हजार सिंगापुरी डॉलर अथवा पांच साल की सजा या दोनों हो सकते हैं। यहां वस्तु एवं सेवा कर अधिनियम में इसी तरह के अपराध के लिए लगाए गए कर के तीन गुना भुगतान की व्यवस्था है। इसके अलावा 10 हजार सिंगापुरी डॉलर का जुर्माना अथवा सात साल की जेल या दोनों भी हो सकते हैं।
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