केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार विकास की गतिविधियों को रफ्तार देने के लिए कई महत्वपूर्ण योजनाओं का संचालन राज्यों को सौंप सकती है। केंद्र की योजना है कि अब विकास कार्यों के लिए आवंटित धन सीधे राज्यों को सौंपा जाए और वही योजनाओं के क्रियान्वयन से जुडे फैसले लें।
अगर सब कुछ ठीक रहा तो मोदी सरकार महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा), जवाहर लाल नेहरु राष्ट्रीय शहरी नवीनीकरण मिशन, राष्ट्रीय शहरी स्वास्थ्य मिशन और सर्व शिक्षा अभियान जैसी योजनाओं का जिम्मा राज्यों को दे सकती है। फिलहाल इनका प्रबंधन केंद्र के पास है। इन योजनाओं का बजट 6,60,506 करोड़ है।
मनरेगा जैसी योजनाओं का पैसा सीधे लाभार्थी के खाते में भेजे जाने पर भी विचार किया जा रहा है। प्रधानमंत्री कार्यालय में इसी महीने हुई बैठक के बाद एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि केंद्र द्वारा संचालित सभी योजनाओं का पैसा सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में भेजे जाने की तैयारी है।
उल्लेखनीय है कि ग्याहरवीं योजना के आखिर तक यानी 2012 तक राज्यों को दी जाने वाली कुल सहायता का 52 फीसदी हिस्सा केंद्र द्वारा संचालित योजनाओं के मार्फत खर्च किया गया था।