ड्यूटी पर कर्तव्य निर्वाह के दौरान मौत होने पर अर्द्ध सैनिक बलों व पुलिसकर्मियों को भी आर्मी, नेवी व एयरफोर्स की तरह शहीद का दर्जा देने के मुद्दे पर केंद्र सरकार ने यू टर्न ले लिया।
सरकार ने हाईकोर्ट को बताया कि ड्यूटी के दौरान कर्तव्य का पालन करते हुए अपनी जान कुर्बान करने वाले अर्द्धसैनिक बलों के जवानों को शहीद का दर्जा नहीं दिया जा सकता।
गौरतलब है कि हाल ही में केंद्र सरकार ने हाईकोर्ट को बताया था कि इस मुद्दे पर वह गंभीर है और सक्रियता से इन जवानों को शहीद का दर्जा देने पर विचार किया जा रहा है।
न्यायमूर्ति एस रविंद्र भट्ट व न्यायमूर्ति दीपा शर्मा की खंडपीठ के समक्ष रक्षा मंत्रालय ने अपने जवाब में कहा कि अर्द्धसैनिक बलों को सेना, नौसेना और वायु सेना के जवानों के समान नहीं माना जा सकता।
ऐसे में केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) के जवानों को ड्यूटी में कर्तव्य निर्वाह करते हुए मरने पर शहीद का दर्जा देना गलत होगा। सरकार ने यह जवाब अधिवक्ता अभिषेक चौधरी द्वारा दायर जनहित याचिका पर दिया है।