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मोदी ने ढूंढ़ लिया नया रक्षा मंत्री, जानिए कौन?

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कैबिनेट का पहले विस्तार पर फिर से चर्चाओं का बाजार गर्म है। माना जा रहा है कि प्रधानमंत्री अपनी ऑस्ट्रेलिया यात्रा से पहले 9 नवंबर को मंत्रिमंडल का विस्तार करेंगे।
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इस पहले मंत्रिमंडल विस्तार में करीब एक दर्जन चेहरों को शामिल किए जाने, कई मंत्रालयों का जिम्मा संभालने वाले मंत्रियों का बोझ हल्का करने और कुछ स्वतंत्र प्रभार वाले मंत्रियों को कैबिनेट मंत्री बनाए जाने की संभावना है।

इन्हीं चर्चाओं के बीच गोवा के मुख्यमंत्री मनोहर परिकर के दिल्ली पहुंच कर प्रधानमंत्री और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह से हुई मुलाकात ने मंत्रिमंडल विस्तार की संभावनाओं को और बल मिला है।
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परिकर को नया रक्षा मंत्री और स्वतंत्र प्रभार के केन्द्रीय पर्यटन श्रीपद नाइक को उनकी जगह गोवा का मुख्यमंत्री बनाए जाने की संभावना जताई जा रही है। प्रधानमंत्री से मुलाकात से पहले परिकर ने रक्षा मंत्री बनाए जाने की संभावना से इंकार नहीं किया।

मोदी की टीम में जुड़ेंगे एक दर्जन नए चेहरे

जिन नए चेहरों को मंत्रिमंडल में जगह दिए जाने की चर्चा है उनमें पूर्व वित्त मंत्री यशवंत सिन्हा के बेटे जयंत सिन्हा, शिवसेना नेता सुरेश प्रभु, छत्तीसगढ़ के सांसद चंदूलाल साहू, हाल ही में कांग्रेस छोड़ भाजपा में शामिल हुए हरियाणा के दिग्गज नेता चौधरी बीरेंद्र सिंह के नाम शामिल हैं।

इसके अलावा इस विस्तार में बिहार और राजस्थान की नुमाइंदगी बढ़ाई जाएगी। उल्लेखनीय है कि संसद का शीतकालीन सत्र आगामी 24 नवंबर से शुरू होने वाला है। सत्र से पहले प्रधानमंत्री आगामी 14 नवंबर को ऑस्ट्रेलिया के दौरे पर रवाना होंगे।

मोदी मंत्रिमंडल का विस्तार आगामी रविवार या सोमवार को हो सकता है। मंत्रिमंडल में करीब एक दर्जन नए चेहरों को जगह दिए जाने की तैयारी है। इसमें सबसे अहम गोवा के मुख्यमंत्री परिकर को रक्षा मंत्री बनाए जाने की चर्चा है।

परिकर ने बुधवार को देर शाम पार्टी अध्यक्ष शाह और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अलग-अलग मुलाकात की। परिकर की छवि एक ईमानदार और काबिल नेता के रुप में रही है और रक्षा मंत्रालय में पीएम मोदी को उनके रुप में एक बेहतर विकल्प मिल सकता है।

सरकारी सूत्रों के मुताबिक विस्तार में कई मंत्रालयों का जिम्मा संभाल रहे अरुण जेटली, नितिन गडकरी और रविशंकर प्रसाद का भार हलका किया जाएगा। जेटली से रक्षा मंत्रालय लेकर इसे परिकर को देने और प्रसाद से दूर संचार मंत्रालय का प्रभार लिए जाने की चर्चा है।
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जावड़ेकर-सीतारमण को मिल सकती है तरक्की

इसके अलावा वाणिज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) निर्मला सीतारमण और सूचना प्रसारण मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) प्रकाश जावड़ेकर को पदोन्नति दे कर कैबिनेट मंत्री बनाए जाने की संभावना है। सूत्रों ने बताया कि हालांकि विस्तार में जाति या राज्य को आधार नहीं बनाया जाएगा, इसके बावजूद राजस्थान, छत्तीसगढ़, हरियाणा और बिहार की मंत्रिमंडल में नुमाइंदगी बढ़ सकती है।

पार्टी सूत्रों के मुताबिक जाट कोटे से चौधरी बीरेंद्र सिंह के अलावा दिल्ली के सांसद प्रवेश वर्मा की भी दावेदारी है। आलाकमान ने हरियाणा विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद बीरेंद्र को राज्यसभा की सदस्यता के साथ ही मंत्रिमंडल में भी जगह देने का आश्वासन दिया था।

गौरतलब है कि इसी आश्वासन के बाद बीरेंद्र ने अपनी पत्नी को हरियाणा के खट्टर सरकार में शामिल करने की जिद नहीं की थी। पार्टी सूत्रों का कहना है कि विस्तार में बेहतर प्रदर्शन न करने वाले मंत्रियों पर गाज भी गिर सकती है। हालांकि फिलहाल किसी को बाहर का दरवाजा नहीं दिखाया जाएगा, लेकिन ऐसे मंत्रियों के विभाग में बदलाव के विकल्प पर भी गंभीरता से विचार किया जा रहा है।

मोदी की पसंद और ईमानदार चेहरा हैं पर्रिकर
गोवा के मुख्यमंत्री पर्रिकर न केवल प्रधानमंत्री मोदी के पसंदीदा नेताओं में हैं, बल्कि उनकी गिनती भारतीय राजनीति के ईमानदार चेहरों में होती है।

चूंकि पार्टी के पास अनुभवी और ऐसे चेहरों की कमी है, इसिलए मोदी उन्हें रक्षा मंत्रालय जैसे अहम मंत्रालय की जिम्मेदारी देना चाहते हैं। पूर्ववर्ती यूपीए सरकार ने भी ईमानदार चेहरा रहे एके एंटनी को इस मंत्रालय की जिम्मेदारी दे कर कई विवादों को टालने में सफलता हासिल की थी।
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